राजस्थान के अलवर जिले में बढ़ते जघन्य अपराधों के चलते आमजन असुरक्षित महसूस करने लगा है तो पुलिस के जिम्मेदार अधिकारी कह रहे हैं कि अलवर जिला बड़ा है तो यहां अपराध ज्यादा होते हैं. जिले में पिछले दस दिन में पांच मर्डर और आधा दर्जन चोरी और लूट की वारदातें सामने हुई हैं. जिले में बढ़ रही इन घटनाओ से आम जनता और व्यापारी वर्ग में रोष व्याप्त है. बदमाशों के हौसले अब  इतने बुलन्द हो गए हैं कि वे खुलेआम लोगों को निशाना बना रहे हैं. ऐसा नहीं है कि आमजन में व्याप्त भय की जानकारी किसी को नहीं है. भाजपा के विधायक ज्ञानदेव आहुजा तो जिले की कानून व्यवस्था की सार्वजनिक तौर पर आलोचना कर चुके हैं. किशनगढ़बास विधायक रामहेत यादव तो गृहमंत्री कटारिया से मिलकर जिले में बिगड़े कानूनी हालातों में सुधार की मांग कर चुके हैं.

कुछ दिनों पूर्व  भिवाड़ी में  की पीट-पीटकर एक दलित युवक हत्या कर दी गई थी. इसके बाद भिवाड़ी में ही उस युवक के दोस्त का  जला हुआ शव मिला था. जबकि इन्हीं दिनों खैरथल में एक व्यापारी की गोली मार की हत्या की गई और उससे करीब ढाई लाख रुपए लूटे गए. इन सारी वारदातों का अभी तक खुलासा भी नहीं हुआ कि दो दिन पहले अलवर के एनईबी थाना क्षेत्र के अंतर्गत ट्रांसपोर्ट नगर में एक बुजुर्ग नर्स की  बदमाशों ने हत्या कर दी और लूट कर फरार हो गए. इसके अलावा भिवाड़ी में ही काली खोह स्थित बाबा मोहनराम मंदिर के समीप एक महिला का शव पड़ा हुआ मिला था जिसकी भी हत्या की आशंका जताई जा रही है.

वहीं जिला पुलिस अधीक्षक राहुल प्रकाश का कहना है कि अलवर जिला बड़ा है. पूरे राजस्थान में सबसे ज्यादा क्राइम केस अलवर में ही रजिस्टर्ड किए जाते हैं. ऐसे में लोग सवाल उठा रहे हैं कि पुलिस के जिम्मेदार अधिकारी ही ऐसे बयान देंगे तो जिले में अपराध कैसे रुकेगा.