नई दिल्ली किसानों की आय 2022 तक दोगुनी करना एक ऐसा वायदा है जो केंद्र की मोदी सरकार कामकाज संभालने के बाद से ही करती आ रही है. यहां तक कि 2014 के चुनावी घोषणापत्र में भी बीजेपी ने इस बात का वायदा किया था. लेकिन कांग्रेस के अधिवेशन में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इस वायदे पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. आंकड़ों के आधार पर मनमोहन ने ये बात साबित करने की कोशिश की कि किसानों की आय दोगुना करना मोदी सरकार का एक जुमला ही है.


गौरतलब है कि दिल्ली में इस समय कांग्रेस का अधिवेशन चल रहा है. अधिवेशन के दूसरे और अंतिम दिन आज पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भाषण दिया. अपने भाषण में मनमोहन ने मोदी सरकार पर कई वार किए और आर्थिक मोर्चे पर सरकार को घेरने के लिए आंकड़ों का सहारा लिया. मनमोहन ने आरोप लगाया कि केंद्र की मोदी सरकार ने अपनी गलत नीतियों से अर्थव्यवस्था को बर्बाद कर दिया है.

मनमोहन ने कहा कि मोदी सरकार किसानों की आय दोगुनी करने का वायदा कर रही है लेकिन ये भी उसका एक जुमला ही है क्योंकि किसानों की आय दोगुनी तभी होगी जब विकास दर 12 फीसदी तक पहुंच जाएगी. आज के दौर में ऐसा सोचा भी नहीं जा सकता. इसलिए किसानों की आय दोगुनी हो जाए ये संभव नहीं है और अगर मोदी सरकार सबकुछ जानते हुए भी ये वायदा कर रही है तो ये महज उसका एक जुमला ही साबित होने वाला है.

मनमोहन ने कहा कि अर्थव्यवस्था आज किस हाल में है ये कहने की जरूरत नहीं है. आर्थिक सर्वे के नतीजे ही इसकी गवाही दे रहे हैं. कृषि विकास दर पिछले चार साल से धीमी रफ्तार पकड़े हुए है. ऐसे में किसानों से लोकलुभावन वायदे कर उन्हें भरमाने की कोशिश की जा रही है.


गौरतलब है कि कल ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में कृषि उन्नति मेले की शुरुआत की. इसके साथ ही उन्होंने 25 कृषि विज्ञान केंद्रों की भी आधारशिला रखी. इस अवसर पर पीएम मोदी ने कहा था कि केंद्र सरकार लगातार किसानों की आय दोगुना करने के लिए काम कर रही है. लेकिन समय के साथ जो चुनौतियां खेती से जुड़ती चली गईं, वो आज के इस दौर में बहुत अहम हैं. न्यूनतम समर्थन मूल्य के ऐलान का पूरा लाभ किसानों को मिले, इसके लिए हम राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं. पीएम ने कहा कि कुछ लोग एमएसपी के नाम पर भ्रम फैला रहे हैं.