अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद द्वारा फर्जी फर्जी बाबा घोषित किए गए स्वामी चक्रपाणि महाराज ने 11 करोड़ रूपये की मानहानि का नोटिस भेजा है. दिल्ली में अपने वकील राजेश रैना के जरिये चक्रपाणि महाराज ने ये नोटिस भेजा है. इसमें अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि, महामंत्री स्वामी हरिगिरि और पंचायती अखाड़े के महंत राजेंद्र दास को आरोपी बताया गया है.  दरअसल अखाड़ा परिषद ने शुक्रवार को अपनी बैठक में स्वामी चक्रपाणि और आचार्य प्रमोद कृष्णम को फर्जी बाबा घोषित किया था. इलाहाबाद में पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन में ये बैठक हुई थी.


अखाड़ा परिषद इससे पहले दो और लिस्ट जारी कर कई बाबाओं में फर्जी घोषित कर चुका है. शुक्रवार को इसी क्रमें अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने तीसरी लिस्ट जारी की. इस लिस्ट में अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि महाराज और श्री कल्कि फाउंडेशन के संस्थापक और कांग्रेस के सदस्य आचार्य प्रमोद कृष्णम को फर्जी बाबा बताया. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने कहा कि दोनों बाबा किसी संन्यासी परंपरा से नहीं आते. इस बैठक में कुम्भ को लेकर भी प्रस्ताव पास किए गए.


फर्जी बाबाओं की सूची में शामिल होने के बाद न्यूज18 से बातचीत में स्वामी चक्रपाणि महाराज ने अखाड़ा परिषद और उसके महंत नरेंद्र गिरी को ही फर्जी करार दे दिया था. उन्होंने कहा, “दरअसल जब दूसरी सूची जारी हुई थी तभी मैंने कहा था कि अखाड़ा परिषद और नरेन्द्र गिरी खुद फर्जी हैं. उनका और उनके अखाड़े का कोई रजिस्ट्रेशन तो है ही नहीं. फिर काहे का अखाड़ा? अब व्यक्ति जब पागल ही हो जाए तो उसे क्या कहना. वह तो किसी पर भौंक सकता है.”


स्वामी चक्रपाणि ने कहा कि जब दूसरी सूची जारी हुई थी, जिसमे आशाराम बापू समेत कई लोगों के नाम शामिल थे, तब भी मैंने उन्हें चेतावनी दी थी. मैंने कहा था कि मैं संत समाज का अध्यक्ष हूं, अगर फिर ऐसा हुआ तो सांत समाज से बाहर कर दूंगा. अब मैं अखाड़ा परिषद और उसके महंत नरेंद्र गिरी को ही बाहर कर दूंगा.



आचार्य प्रमोद कृष्णम काल्किम संभल के पीठाधीश्वर हैं. इनका नाम भी फर्जी बाबाओं की सूची में शामिल है. प्रमोद कृष्णम 2014 में कांग्रेस के टिकट पर संभल से चुनाव भी लड़ चुके हैं. इससे पहले पिछले साल सितम्बर में भी अखाड़ा परिषद ने फर्जी बाबाओं की पहली सूची जारी की थी. इस लिस्ट में 14 फर्जी बाबाओं के नाम शामिल थे. परिषद ने संत आसाराम, राधे मां, सच्चिदानंद गिरी, गुरमीत राम रहीम, निर्मल बाबा, इच्छाधारी भीमानंद, असीमानंद और नारायण साईं, रामपाल, आचार्य कुशमुनि, वृहस्पति गिरी, मलखान सिंह के नामों को फर्जी बाबाओं की लिस्ट में शामिल किया था.


फर्जी बाबाओं की दूसरी सूची में हाल में ही सुर्खियों में आए दिल्ली के वीरेंद्र देव दीक्षित, बस्ती के सच्चिदानंद सरस्वती और इलाहाबाद की महिला संत और परी अखाड़े की स्वयंभू महामंडलेश्वर त्रिकाल भवंता के नाम शामिल थे. इसके साथ ही राजस्थान अलवर के फलाहारी बाबा को भी अखाड़ा परिषद ने निलम्बित किया था.