भारत में तीनों सेनाओं, थल, जल और वायु की कमांड एक अधिकारी को देने के लिए सरकार ने पहला कदम उठाया है। संयुक्त सैन्य कमांड के अंतर्गत तीनों सेनाओं का ऑपरेशनल कंट्रोल एक 3 स्टार सैन्य जनरल के पास होगा। सरकार ने इसके लिए जरूरी नियमों में बदलाव किया है। 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सेना ने ज्वाइंट कमांड के लिए किसी एक अधिकारी को अधिकार देने की नियमों के ऑर्डर को नोटिफाई किया है। आपको बता दें कि अब तक सेना के तीनों अंग, आर्मी-नेवी-एयरफोर्स अलग-अलग नियमों के तहत काम करते थे। इस कदम के बाद तीनों सेना अंग एक ही छत के नीचे आ जाएंगे। यह कदम अंडमान और निकोबार कमांड के लिए लागू किया गया है। जिसकी स्थापना भारत के पहले थिएटर कमांड के तौर पर अक्टूबर 2011 में हुई थी। 


अखबार में छपी खबर के मुताबिक, अधिकारी ने बताया है कि देखने में भले ही यह परिवर्तन छोटा लग सकता है लेकिन इसके जरिए मिलेट्री सिस्टम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। आपको बता दें कि रक्षा मंत्रालय द्वारा गठित एक कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में भारतीय सेना में 3 थिएटर कमांड बनाए जाने की बात कही थी। यह तीनों कमांड उत्तरी, दक्षिण और पश्चिमी कमांड होगी। जिसमें से एक ही कमांडर तीनों सेनाओं का काम देखेगा। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि फिलहाल भारतीय सेना की 17 कमांड काम कर रही हैं। 

 

नए नियम के अनुसार अंडमान और निकोबार कमांड में नेवल कमांडर इन चीफ के अंतर्गत भारतीय थल सेना और वायु सेना के अधिकारी काम करेंगे। यह फार्मूला दूसरे थिएटर कमांड के लिए बतौर उदाहरण काम करेगा। अधिकारी के मुताबिक हिंद महासागर में चीन के बढ़ते दखल को देखते हुए ज्वाइंट अंडमान और निकोबार कमांड बनाए जाने की जरूरत महसूस हुई। आपको बता दें कि एनडीए सरकार तीनों सेनाओं में एकरूपता लाने के लिए किसी एक कमांड के अंदर तीनों सेना को लाने की बात कहती रही है।