बेटी खोने के बावजूद फर्ज को आगे रखने वाले दारोगा भूपेन्द्र सिंह तोमर आज किसी मिसाल से कम नहीं हैं. उन्हें लेकर तिग्मांशु ​धूलिया ने एक शॉर्ट फिल्म भी बनाई, जिसने इस समय सोशल मीडिया पर धूम मचा रखी है. भूपेंद्र की तरह ही यूपी पुलिस के एक और जांबाज ने ड्यूटी की नई मिसाल पेश की है. जी हां, लखनऊ के हजरतगंज कोतवाली के इंस्पेक्टर आनंद शाही ने मां के निधन का गम भुलाकर अपहरण की एक सनसनीखेज वारदात का खुलासा किया है. उन्होंने न सिर्फ अपहर्ताओं को दबोचा, बल्कि अपहृत छात्रा को भी सकुशल बरामद कर लिया.


न्यूज 18 से बातचीत में आनंद शाही ने बताया कि 14 मार्च को उनकी मां का निधन हो गया था. मूलरूप से वह बिहार में सीवान के रहने वाले हैं लेकिन परिवार अब लखनऊ में रहता है. मां के निधन के बाद वह छुट्टी पर थे. इस दौरान 19 मार्च को सूचना मिली ​कि ला मार्टिनियर स्कूल के एक छात्र का अपहरण हो गया है. उनसे रहा नहीं गया और वह फौरन वर्दी पहनकर ड्यूटी पर पहुंच गए. आनंद शाही कहते हैं कि ऐसा नहीं है कि केस को हैंडल करने के लिए सक्षम अफसरों की कमी थी या उन पर कोई दबाव था. उन्हें लगा कि इस समय ड्यूटी पर होना ही चाहिए. जब वह ड्यूटी पर पहुंचे तो साथियों और आला अधिकारियों ने उनसे कहा भी इस परिस्थिति में आप ड्यूटी पर क्यों आए. लेकिन उन्होंने केस पर काम करना शुरू किया.


आनंद ने बताया कि ये बात अच्छी रही कि महज चार घंटे के अंदर हमने चार घंटे के अंदर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया. इसके बाद देर शाम मुठभेड़ में दूसरे आरोपी को भी गिरफ्तार कर​ लिया.

उधर आनंद की इस जांबाजी और कर्तत्व के प्रति ईमानदारी को लेकर पूरा पुलिस महकमा गर्व महसूस कर रहा है. इतनी तेजी से केस वर्कआउट करना मिसाल माना जा रहा है. खुद प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने किडनैपिंग वर्कआउट करने वाली टीम को चाय पर बुलाया. दिलचस्प बात ये रही कि ​डीजीपी को पता नहीं था कि आनंद की मां का देहांत हो गया है. जब मीटिंग के दौरान उन्होंने आनंद से दाढ़ी बढ़ी होने पर सवाल किया तब उन्हें इस बात की जानकारी हुई.