छत्तीसगढ़ सरकार में 14 साल बेमिसाल के बीच भ्रष्टाचार और घोटालों का सिलसिला जारी है. ताजा मामला लोक निर्माण विभाग का है. जहां तय राशि से करीब 16 करोड़ रुपए अधिक का भुगतान कर दिया गया. आरटीआई से मिले दस्तावेजों के आधार पर इसका खुलासा हुआ है.


छत्तीसगढ़ के लोक निर्माण मंत्री राजेश मूणत के विधानसभा क्षेत्र में निर्मित भव्य ऑडोटोरियम का लोकार्पण 15 अक्टूबर 2017 को खुद मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने किया था. आरोप है कि रायपुर के सबसे बड़े सरकारी आॅडिटोरियम के निर्माण में जमकर भ्रष्टाचार हुआ है.


पंडित दीनदयाल उपाध्याय के नाम से बने इस ऑडीटोरियम का निर्माण मेसर्स श्रीजी कृपा प्रोजेक्ट लिमिटेड ने किया है.

टेंडर में इसकी अनुमानित लागत 25 करोड़ 40 लाख 15 हजार 3678 रुपए बताई गई है. जबकि ठेका कंपनी को 41 करोड़ 13 लाख 30 हजार 301 रुपए का भुगतान कर दिया गया है. यानी तय राशि से 12 करोड़ 68 लाख 50 हजार 29 रुपए का भुगतान कंपनी को किया गया है.


आरटीआई एक्टिविस्ट संजीव अग्रवाल बताते हैं कि इस भव्य ऑडोटोरियम की सबसे बड़ी खासियत ये है कि लागत से करीब 13 करोड़ रुपए अधिक का भुगतान कर दिया गया. वो भी बिना किसी टेंडर के. जबकि छत्तीसगढ़ के शहरी क्षेत्रों में निर्माण कार्य अधिकांश बिलो रेट पर जाता है.



फूल-माला पर ढाई लाख रुपए खर्च

मंत्री राजेश मूणत के लोक निर्माण विभाग का एक और कारनामा भी सामने आया है. विभाग की ओर से 15 अक्टूबर लोकार्पण के दिन ढाई लाख रुपए की फूल मालाएं खरीदी गईं थीं. इसके अलावा वीडियोग्राफी पर करीब 62 हजार, कार्ड-ब्रोशर छपाई पर - 1 लाख 36 हजार 775 रुपए खर्च किए गए हैं. इतना ही नहीं सरकारी भुगतान के एक भी बिल में जीएसटी का कहीं कोई उल्लेख नहीं किया गया है.