नई दिल्ली: पिछले शुक्रवार को निधास ट्रॉफी के तहत  श्रीलंका और बांग्लादेश के बीच खेले गए मुकाबले में बांग्लादेशी टीम के खिलाड़ियों की तस्वीरें क्रिकेटप्रेमियों के जहन में अभी भी रह-रहकर घूम रही हैं. लेकिन अब जो बात सामने आ रही है, वह बहुत ही चौंकाने वाली है. खबरों की मानें, तो ड्रेसिंग रूम का शीशा बांग्लादेशी कप्तान शाकिब अल हसन ने तोड़ा. हालांकि, यह साफ नहीं हो सका है कि यह शीशा जीत के जश्न में तोड़ा गया, या फिर अंपायर के फैसले की नाराजगी के चलते. लेकिन अब शाकिब का नाम साफ होने के बाद एक सवाल जरूर खड़ा हो गया है कि मैच रेफरी ने शाकिब को शीशा तोड़ने की सजा दी या मैच के दौरान अपने बल्लेबाजों को वापस बुलाने के लिए सजा दी? इसे देखा जाए, तो यह दोहरा अपराध बनता है. लेकिन शाकिब बहुत ही सस्ते में छूट गए. 

अब यह तो आप जानते ही हैं कि कैसे आखिरी ओवर में अंपायर के नो-बॉल देने के फैसले को वापस लेने के बाद पूरी बांग्लादेश टीम ने अपना आपा खो दिया था. बात यहां तक पहुंच गई थी कि मेजबान कप्तान शाकिब-अल-हसन ने अपने बल्लेबाजों को मैदान से वापस आने को कह दिया था. इस बर्ताव के लिए उन पर एक्स्ट्रा नुरुल हसन की 25 फीसदी फीस भी काटी गई थी. लेकिन इसके बाद जीत के जश्न में ड्रेसिंग रूप में चकनाचूर हुए शीशे की तस्वीर सामने आई, तो बांग्लादेशी टीम की और भी ज्यादा थू-थू हुई. 

दूनिया भर के क्रिकेटप्रेमी यह अनुमान नहीं लगा पा रहे थे कि यह शीशा जश्न में टूटा है, या अंपायर के फैसले की नाराजगी के कारण. शीशे के चूर-चूर होने ने बांग्लदेश टीम को और बड़ा विलेन बना दिया था. बाद में श्रीलंकाई अखबार आइसलैंड ने यह दावा किया था कि ड्रेसिंग रूम का शीशा किसी और ने नहीं बल्कि शाकिब-अल-हसन ने तोड़ा था. हालांकि, सीसीटीवी फुटेज में तस्वीरें स्पष्ट नहीं हो पाई थीं, लेकिन मैच रेफरी को किसी और जरिए से सूचना मिली. 

दरअसल इस मैच के लिए मोवेनिपक होटल ने दोनों टीमों के लिए कैटरिंग (खान-पान) की जिम्मेदारी संभाली हुई थी. होटल से जुड़े कैटरर्स ने ही मैच रेफरी क्रिस ब्रॉड को यह सूचना दी कि ड्रेसिंग रूम का शीशा शाकिब अल हसन ने तोड़ा. अब जबकि वीडियो फुटेज स्पष्ट नहीं थीं, तो मैच रेफरी ने बांग्लादेशी कप्तान पर दया दिखाते हुए उन पर सिर्फ मैच फीस का 25 फीसदी जुर्माना लगाकर छोड़ दिया.