सार्वजनिक क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की पांच सहयोगी बैंक और भारतीय महिला बैंक के पुराने चेक 31 मार्च तक ही वैध रहेंगे। इसके बाद 1 अप्रैल से पुराने चेक अमान्य हो जाएंगे। एसबीआई ने इसका एलान किया है और सभी ऐसे ग्राहकों से नए चेकबुक इश्यू कराने के लिए कहा है जो पहले उन छह बैंकों के उपभोक्ता थे। ऐसे चेक को अमान्य करने की तिथि पहले 1 जनवरी 2018 थी जिसे बढ़ा दिया गया था लेकिन अब बैंक ने अंतिम फैसला कर पुराने सहयोगी बैंकों के चेक को अमान्य करने का फैसला किया है। बता दें कि पिछले साल एक अप्रैल से स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर, स्टेट बैंक ऑफ पटियाला, स्टेट बैंक ऑफ मैसूर, स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद और स्टेट बैंक ऑफ ट्रावनकोर का भारतीय स्टेट बैंक में विलय कर दिया गया था। इनके अलावा भारतीय महिला बैंक का भी एसबीआई में विलय कर दिया गया था।

1 अप्रैल 2017 को विलय के बाद एसबीआई ने पुराने सहयोगी बैंकों के चेकबुक को 30 सितंबर तक वैध करार दिया था लेकिन रिजर्व बैंक ने इस मियाद को बढ़ाकर पहले 31 दिसंबर, 2017 फिर 31 मार्च, 2018 कर दिया था। इससे पहले एसबीआई करीब 1300 बैंक शाखाओं का आईएफएससी कोड भी बदल चुका है। ऑफिशियल ट्विटर हैंडल पर चेकबुक अमान्य करने की जानकारी देते हुए स्टेट बैंक ने कहा है कि उपभोक्ता नए चेकबुक का अनुरोध इंटरनेट बैंकिंग (onlineSBI.com), मोबाइल बैंकिंग, एटीएम के जरिए और शाखाओं में जाकर भी कर सकते हैं। बैंक ने कहा है कि असुविधा से बचने के लिए ग्राहक 31 मार्च 2018 से पहले नए चेकबुक इश्यू करा लें।

इंटरनेट बैंकिंग यूजर्स जान लें कि एसबीआई की वेबसाइट एड्रेस बदल गई है। बैंकों के विलय के बाद अब एसबीआई यूजर इस एड्रेस पर क्लिक करें। https://www.onlinesbi.com/ स्टेट बैंक के आधिकारिक बयान के मुताबिक विलय किए गए सहयोगी बैंकों की नेट बैंकिंग के फीचर्स और एसबीआई के फीचर्स मिलते-जुलते हैं। इसलिए वहां सारी सुविधाएं पहले की ही तरह उपलब्ध होंगी।