नई दिल्ली सरकार अगले सप्ताह घरेलू प्राकृतिक गैस की कीमत बढ़ा सकती है और यह 2 साल का सबसे ऊंचा स्तर होगा। इसकी वजह से सीएनजी, बिजली और यूरिया उत्पादन की कीमत भी बढ़ जाएगी। 

इस मामले से जुड़े सूत्रों ने बताया कि घरेलू फील्ड्स से उत्पादित प्राकृतिक गैस की कीमत 1 अप्रैल से 3.06 डॉलर प्रति मिलियन ब्रिटिश थर्मल यूनिट हो जाएगी, जोकि अभी 2.89 डॉलर है। 

प्राकृतिक गैस की कीमत, गैस सरप्लस देशों अमेरिका, रूस और कनाडा के औसत मूल्य के आधार पर हर छह महीने में तय की जाती है। भारत आधा गैस विदेशों से आयात करता है जिसकी कीमत घरेलू दर से दोगुनी से भी अधिक होती है। 


3.06 डॉलर प्रति एमएमबीटीयू दर 1 अप्रैल से 6 महीने तक रहेगी। यह दर अप्रैल-सितंबर 2016 के बाद से सर्वाधिक होगी। उस समय भी इतनी ही कीमत रखी गई थी। 


कीमत बढ़ने से गैस उत्पादक ओएनजीसी और रिलायंस इंडस्ट्रीज की आमदनी बढ़ेगी, लेकिन पीएनजी और सीएनजी की कीमत बढ़ जाएगी, जिसमें प्राकृतिक गैस का इस्तेमाल इनपुट के तौर पर होता है। इससे यूरिया और बिजली उत्पादन की कीमत भी बढ़ जाएगी।