पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में एक शख्स ने पेंशन लेने के लिए अपनी मां की लाश को तीन साल तक फ्रीजर में सुरक्षित रखा था. पुलिस के मुताबिक, महिला को हर महीने 50 हजार रुपये पेंशन मिलते थे. साल 2015 में उनकी मौत हो गई. लेकिन, उसके बेटे ने उनका अंतिम संस्कार नहीं किया. मां की लाश को घर में ही छिपा कर रखा.


बॉडी सड़े-गले न इसके लिए उसपर केमिकल एम्बामिंग यानी लेप भी किया गया था. हर महीने आरोपी बेटा मां के अंगूठे के निशान लेता और पेंशन निकाल लेता. पुलिस ने फ्रीजर से बॉडी बरामद की है. आरोपी बेटे से पूछताछ की जा रही है.


क्या है पूरा मामला?

आरोपी का नाम सुब्रतो मजूमदार है. वह पेशे से लेदर टेक्नोलॉजिस्ट है. उसकी मां बीना मजूमदार फूड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया में ऑफिसर थीं. रिटायरमेंट के बाद सरकार से उन्हें 50 हजार की पेंशन मिलती थी. तीन साल पहले बीमारी से उनकी मौत हो गई. इसके बाद से हर महीने आरोपी अपनी मां के अंगूठे के निशान लेता और पेंशन विदड्रॉ करता था.

आरोपी ने जिस तरह से इतने समय तक लाश को घर में छिपा रखा था, यह देखकर पुलिस भी हैरान रह गई. पुलिस के मुताबिक, आरोपी को अच्छ तरह पता था कि लाश को कैसे लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है.


आरोपी के 90 साल के पिता गोपाल चंद्र मजूमदार भी इस बात की जानकारी थी कि उनकी पत्नी का लाश रखी गई है. गोपाल चंद्र मजूमदार के मुताबिक, उनके बेटे ने लाश को यह कहते हुए घर में रखा था कि वह लाश को दोबारा जिंदा कर सकता है.

अलग-थलग रहना पसंद करता है सुब्रतो

सुब्रतो मजूमदार के पड़ोसियों ने बताया कि वो काफी अजीब किस्म का है. लोगों से ज्यादा घुलता-मिलता नहीं था. पड़ोसियों से कभी बात नहीं करता था. उनके मुताबिक, वो जानते थे कि उसकी मां की मौत हो चुकी है, लेकिन इस बात की जानकारी नहीं थी कि उनका अंतिम संस्कार किया गया था या नहीं.