चंडीगढ़। पंजाब में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर तस्वीर स्पष्ट होने लगी है। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह 19 अप्रैल को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ मुलाकात करेंगे। माना जा रहा है कि इस बैठक में ही नए कैबिनेट मंत्रियों के नाम फाइनल हो जाएंगे। राहुल की स्वीकृति के तुरंत बाद ही मंत्रियों का शपथ ग्रहण समारोह भी रखा जा सकता है।

राहुल के साथ मुख्यमंत्री की होने वाली बैठक में कांग्रेस के प्रदेश प्रधान सुनील जाखड़, प्रदेश प्रभारी आशा कुमारी और सह प्रभारी हरीश चौधरी भी रहेंगे। राहुल कैबिनेट विस्तार पर अपनी मुहर लगाने से पहले सभी नेताओं से विचार-विमर्श करना चाहते हैं। मुख्यमंत्री की कैबिनेट में अभी 9 मंत्रियों की कमी है, लेकिन कैप्टन दो चरणों में कैबिनेट विस्तार चाहते हैं। पहले चरण में छह मंत्रियों को बनाए जाने की संभावना है।

वहीं, बैठक में स्थानीय निकाय मंत्री नवजोत सिद्धू पर भी चर्चा हो सकती है, क्योंकि सिद्धू के केस की सुनवाई अब सुप्रीम कोर्ट में रूटीन आधार पर शुरू हो चुकी है। सिद्धू को पहले ही तीन साल की सजा सुनाई जा चुकी है। ऐसे में अगर सुप्रीम कोर्ट सजा बरकरार रखता है, तो सिद्धू को कैबिनेट मंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ेगा। ऐसी स्थिति में एक और मंत्री को बनाने की गुंजाइश बन जाएगी। सरकार इस पर भी नजर रखे हुए है।

कैबिनेट विस्तार में जातीय, क्षेत्रीय, अनुभव व युवा का सुमेल देखने को मिल सकता है। क्योंकि राहुल कुछ युवाओं को मंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपने के हक में हैं। वहीं, कैप्टन के कुछ करीबी भी मंत्रिमंडल में समायोजित किए जाएंगे।

मंत्री न बनने वाले दावेदारों को मिलेगी बड़ी जिम्मेदारी

कैप्टन पहले भी कह चुके हैं कि विधायकों को मंत्रियों के साथ सहायक की भूमिका में लाया जाएगा, इसके साथ ही कैप्टन ने पार्टी को यह संकेत भी दिए हैं कि अगर कोई मंत्री नहीं बन पाएगा, तो उन्हें निराश होने की जरूरत नहीं है। कैप्टन का यह बयान तब आया है, जब सरकार कैबिनेट के विस्तार की तरफ बढ़ रही है। चूंकि कैप्टन को पता है कि कैबिनेट में मात्र 18 विधायकों को ही समायोजित किया जा सकता है, जबकि अभी भी दो दर्जन से ज्यादा विधायक मंत्री पद पाने के इच्छुक हैं। इस स्थिति में पार्टी में रोष न फैले इसलिए कैप्टन ने पहले ही पार्टी को संकेत दे दिए हैं कि जो मंत्री नहीं बन पाएंगे, उन्हें भी सरकार में बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है।