दिल्ली की कड़कड़डूमा अदालत ने बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव, उनकी पत्नी राधा यादव और कंपनी श्री नौ रंग गोदावरी इंटरटेंमेंट लिमिटेड को पांच करोड़ के चेक बाउंस मामले में दोषी करार दिया है। इन पर दिल्ली की एक कंपनी का पांच करोड़ रुपये का ऋण नहीं चुकाने का आरोप है।  

अतिरिक्त मुख्य महानगर दंडाधिकारी अमित अरोड़ा ने कहा कि सबूतों के आधार पर यह साफ हो जाता है कि इन तीनों ने लक्ष्मी नगर की कंपनी मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से पांच करोड़ का लोन लिया, जिसे लौटाने में ये असमर्थ रहे। कोर्ट ने कुल सात मामलों में इन्हें दोषी ठहराया है। शिकायतकर्ता वकील एस. के. शर्मा ने बताया कि सजा का ऐलान अब 23 अप्रैल को हो सकता है।

याचिका में शिकायतकर्ता कंपनी ने कहा था, उस वक्त राजपाल यादव फिल्म ‘अता पता लापता’ को पूरी करने में जुटे थे। अप्रैल 2010 में राजपाल यादव द्वारा मदद मांगी गई थी। 30 मई 2010 में दोनों के बीच करार हुआ और उन्होंने आरोपियों को 5 करोड़ का लोन दे दिया।

राजपाल यादव को 8 करोड़ रुपये लौटाने थे। 2013 में इसी मामले में राजपाल यादव को 10 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। इस फिल्म से राजपाल ने बतौर डायरेक्टर डेब्यू भी किया था।

यह 2012 अक्टूबर में रिलीज होने वाली थी, लेकिन केस के चलते फिल्म की रिलीज टल गई। बाद में 2 नवंबर 2012 को फिल्म रिलीज हो सकी। फिल्म फ्लाप होने पर राजपाल यादव ऋण चुका नहीं पाए। इस फिल्म में राजपाल यादव, दारा सिंह, असरानी और विक्रम गोखले अहम भूमिकाओं में थे।