वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया नाम से जाना जाता है। अक्षय यानि जिसका कभी क्षय न हो, जिसका कभी नाश नहीं होता।  इसे सौभाग्य सिद्धि दिवस भी कहा जाता है। ज्योतिषीय दृष्टि से चार अबूझ व स्वयंसिद्ध मुहूर्त हैं जिसमें किया गया कोई भी कार्य चिरस्थायी एवं शुभ माना जाता है। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा, अक्षय तृतीया, दशहरा तथा दीवाली। 18 अप्रैल की सुबह तृतीया तिथि 4.47 बजे से आरंभ हो जाएगी और रात 3.03 बजे तक रहेगी। इस दौरान किसी भी तरह की खरीदारी और शुभ काम किए जा सकते हैं। इस दिन सबसे अधिक शुभ है सोना खरीदना।

राशि अनुसार करें खरीदारी-

मेष- मसूर की दाल

वृषभ- चावल और बाजरा

मिथुन- मूंग, धनिया और वस्त्र

कर्क - दूध और चावल

सिंह- लाल फल और तांबा

कन्या- मूंग दाल

तुला- शक्कर और चावल

वृश्चिक- जल और गुड़

धनु- केला और पीले चावल

मकर- काली दाल, उड़द और दही

कुंभ- काला तिल और वस्त्र

मीन- हल्दी और चना दाल

 आज क्या खास करें?

यह अबूझ मुहूर्त सगाई एवं विवाह के लिए सर्वोत्तम है। मान्यता है कि इस दिन सोने की खरीद से घर में सोने सी चमक आ जाती है। इस दिन किया गया कार्य स्थायी रहता है। इसके अतिरिक्त दीर्घकालीन निवेश जैसे प्लाट, फ्लैट, स्थायी प्रापर्टी, बीमा पालिसी,  शेयर, म्यूचुअल फंड, आभूषण, सोना, चांदी, वाहन क्रय, नौकरी के लिए आवेदन, नया व्यवसाय आरंभ, मकान की नींव आदि, भवन क्रय के लिए एग्रीमैंट, विदेश यात्रा, नया व्यापार आरंभ आदि के लिए चिरंजीवी दिन है। 

 इस दिन गृहोपयोगी सामान भी खरीदा जा सकता है। विलासिता, श्रृंगार, भवन  के नवीनीकरण से संबंधित वस्तुएं घर में लाना शुभ माना गया है। वाहन का क्रय बिना कोई मुहूर्त देखे अक्षय तृतीया पर किया जा सकता है।