बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के लखनऊ दौरे का असर संगठन और सरकार पर दिखने लगा है. दरअसल, सरकार में कार्यकर्ताओं की उपेक्षा की खबरें लगातार राष्ट्रीय अध्यक्ष के पास पहुंच रही थी. जिसके बाद अमित शाह ने 11 अप्रैल को सरकार और संगठन को आमने-सामने बैठाकर कार्यकर्ताओं की अनदेखी न के निर्देश दिए थे.

अब अमित शाह के निर्देशों का असर दिखने लगा है. लखनऊ में सरकार के विद्युत विभाग के एक कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं को बुलाया गया. पहले ये नजारा दिखायी नहीं देता था. पार्टी के कार्यक्रम में सरकार के नेता और मंत्री तो मौजूद रहते थे, लेकिन सरकार के काम में कार्यकर्ताओं को तरजीह नहीं दी जाती थी. बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के सरकार और संगठन के पेंच कसने के बाद ये पहला मौका था जब सरकार के कार्यक्रम में बीजेपी का छोटा कार्यकर्ता भी नजर आ रहा था.

कार्यक्रम मुख्यमंत्री आवास पर रखा गया था और उसमें पहुंचे कार्यकर्ता काफी खुश नजर आ रहे थे. बकायदा पदाधिकारियों को आमंत्रित किया गया था. प्रदेश अध्यक्ष की मौजूदगी तो कार्यक्रम में हो भी जाती थी, लेकिन जिला स्तर के कार्यकर्ताओं की पूछ नहीं होती थी. बीजेपी प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी भी कहते हैं कि इससे कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ता है और सामंजस्य बढ़ने से सरकार के कामकाज जनता तक बेहतर ढंग से पहुंच पाएंगे.

पिछले दिनों शाह के लखनऊ दौरे के दौरान कार्यकर्ताओं की उपेक्षा का मुद्दा उठा था. शाह ने सरकार और संगठन में सामंजस्य स्थापित करने और कार्यकर्ताओं की अनदेखी न करने के निर्देश दिए थे. अमित शाह ने स्पष्ट रूप से कहा था कि किसी भी सूरत में कार्यकर्ताओं की अनदेखी नहीं होनी चाहिए.