मक्का मस्जिद विस्फोट से जुड़े मामले में एनआईए की विशेष अदालत ने स्वामी असीमानंद समेत सभी 5 आरोपियों को बरी कर दिया है. विस्फोट में नौ लोगों की मौत हो गई थी. इस केस में दो ऐसे आरोपी भी शामिल है, जिन्हें एनआईए, सीबीआई और देश के कई राज्यों की एटीएस व पुलिस भी गिरफ्तार करने में नाकाम रही है.

दरअसल, समझौता एक्सप्रेस और मक्का मस्जिद मामले की जांच कर रही एनआईए और सीबीआई ने इस मामले में आरोपी बनाए गए संदीप डांगे और रामचंद्र कलसांगरा उर्फ रामजी की गिरफ्तारी के देश में हर संभावित ठिकाने पर तलाश की थी. इसके बाद भी देश की किसी जांच एजेंसियों को दोनों के बारे में कोई सुराग हाथ नहीं लगा था, जिसके बाद दोनों की गिरफ्तारी पर 10-10 लाख रुपए का इनाम रखा गया था.

मक्का मस्जिद मामले में फैसला आने के बाद रामजी और संदीप एक बार फिर सुर्खियों में हैं. संदीप डांगे इंदौर का रहने वाला है. मध्य प्रदेश के सबसे प्रतिष्ठित इंदौर के जीएसआईटीएस कॉलेज से केमिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाला संदीप बाद में आरएसएस से जुड़ गया था. वहीं, रामजी मूलत: शाजापुर जिले का रहने वाला है. लेकिन काफी वर्षों से उसने इंदौर में मुकाम जमाया था. ब्लास्ट में रामजी का नाम आने के बाद उसके परिवार के सदस्य धीरे-धीरे शाजापुर लौट गए संदीप डांगे और रामजी कलसांगरा की मालेगांव ब्लास्ट में भी तलाश है. उनके खिलाफ इंटरपोल का एक रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी है.