छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में 8 सूत्री मांगों को लेकर डॉ. भीमराव अम्बेडकर अस्पताल के जूनियर डॉक्टरों का आज दूसरे दिन भी हड़ताल जारी है. डॉक्टरों के हड़ताल में चले जाने के कारण स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है. इन सबके बावजूद स्वास्थ्य विभाग इस ओर कोई पहल नहीं कर रहा है. मालूम हो कि राज्य के सबसे बड़े डॉ. भीमराव अम्बेडकर अस्पताल में शनिवार को दूसरे दिन भी अव्यवस्था का आलाम बना हुआ है. करीब 360 जूनियर डॉक्टरों के बेमियादी हड़ताल पर चले जाने से मरीजों को काफी परेशानी हो रही है. दूसरी तरफ जूनियर डॉक्टर काली पट्टी लगाकर विरोध कर रहे हैं.


इस संदर्भ में जूनियर डॉक्टर संघ की उपाध्यक्ष डॉ. पारुल जैन का कहना है कि उनका विरोध अस्पताल में काम करने वाले डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर है. उनका कहना है कि कभी भी कोई भी डॉक्टर के साथ बदसलूकी और मारपीट कर के चला जाता है. इसलिए अगर उन्हें सुरक्षा नहीं दी जाएगी, तो वे भी ढंग से मरीजों का इलाज नहीं कर पाएंगे. हालांकि मरीजों के हड़ताल के बीच भी आपातकालीन सेवा चालू है.


जूनियर डॉक्टर संघ के अध्यक्ष डॉ. जायसवाल का कहना है कि जब तक उन्हें कानूनी मदद नहीं मिल जाती उनका हड़ताल जारी रहेगा.


बहरहाल, जूनियर डॉक्टर बीते दिनों हुई मारपीट की घटना के बाद से आक्रोशित हैं. हालांकि आरोपी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था. अब उसे न्यायालय ने जमानत पर रिहा कर दिया है.