जयपुर। नाबालिग से दुष्कर्म मामले में जोधपुर जेल में बंद आसाराम के 25 अप्रैल को आने वाले फैसले को देखते हुए जोधपुर पुलिस ने शहर में शनिवार से ही धारा 144 लागू कर दी हैं। यह निषेधाज्ञा 30 अप्रैल तक लागू रहेगी।


आसाराम के करीब पांच वर्ष से चल रहे मामले का फैसला 25 अप्रैल को आना है और इस दिन बड़ी संख्या में समर्थकों के आने की आशंका को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तैयारी कर रहा है। प्रशासन के पास इस बात की सूचना है कि फैसले के दिन यहां हरियाणा के पंचकूला जैसे हालात बन सकते है, जब गुरमीत राम रहीम का फैसला सुनाया गया था। प्रशासन ने शनिवार से ही जोधपुर शहर का बॉर्डर सील कर जगह-जगह नाकाबंदी कर दी है। 21 अप्रैल को सुबह 10 बजे से 30 अप्रैल को शाम पांच बजे तक जोधपुर कमिश्नरेट इलाके में धारा 144 लागू रहेगी। इस दौरान सार्वजनिक स्थान पर पांच या ज्यादा लोग एक साथ इकट्ठे नहीं हो सकेंगे और न ही हथियार लेकर चल सकेंगे, सभा-जुलूस पर भी रोक रहेगी। 


जोधपुर डीसीपी ईस्ट अमनदीप सिंह ने बताया कि फैसले के दिन सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त रहेंगे। संदिग्धों पर कड़ी नजर रहेगी। अगर कोई आसाराम समर्थक जोधपुर आता है तो पुलिस उससे पूछताछ करेगी। सुरक्षा व्यवस्था में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी। 25 अप्रैल को जेल में अदालत लगाई जाएगी। वहीं पर आसाराम का फैसला सुनाया जाएगा। एससी-एसटी कोर्ट के पीठासीन अधिकारी मधुसूदन शर्मा सेशन कोर्ट जज जेल में ही फैसला सुनाएंगे।


पुलिस ने यह भी की है तैयारी - 

सीआरपीएफ, रैपिड एक्शन फोर्स व अन्य जिलों की पुलिस तैयार रहेगी और जरूरत पड़ने पर तुरंत जोधपुर पुलिस के सहयोग के लिए पहुंच जाएगी। आसाराम समर्थक देश के कई हिस्सों में हैं। ऐसे में जोधपुर पुलिस की ओर से देश के सभी जिलों के कंट्रोल रूम से समर्थकों के हर मूवमेंट की सूचना देने का आग्रह किया है। यहां की पुलिस मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, गुजरात के साथ-साथ अन्य राज्यों से जोधपुर पुलिस संपर्क में रहेगी।


आश्रम पर भी पुलिस की कड़ी निगरानी - 


जोधपुर के होटलों, सरायों इत्यादि पर नजर रखी जा रही है। पाल रोड स्थित आश्रम और मणाई गांव में स्थित आश्रम पर भी पुलिस की निगरानी है। आश्रम में जिम्मेदार लोगों को भी पाबंद किया गया है कि वे अपने यहां अनावश्यक भीड़ एकत्र ना होने दें। इसके बाद भी लोग आएंगे, तो पुलिस उन्हें हिरासत में ले सकती है। ट्रेनों में संभावित समर्थकों के आने की आशंकाओं के मद्देनजर रेलवे प्रशासन के साथ आरपीएफ व जीआरपी का संयुक्त कंट्रोल रूम बनाने को कहा गया है।