यूपी के अलीगढ़ में एक  शख्स अपनी मौत के कुछ घंटे बाद फिर से जिंदा हो गया. गम में डूबे परिजन अंतिम संस्कार की तैयारी में जुटे थे. शव को नहला कर अर्थी पर लिटाया गया था तभी शख्स उठ बैठा और कहा कि उसे यमदूत गलती से ले गए थे अब वापस भेज दिया है. लोग इसे चमत्कार मान रहे हैं, लेकिन डॉक्टरों की राय इससे जुदा है.


घटना थाना अतरौली के किरथला गांव की है. जहां 53 वर्षीय रामकिशोर सिंह उर्फ भूरा सिंह का निधन हो गया था. जिसके बाद परिजन उनके अंतिम संस्कार की तैयारी में जुटे थे. लेकिन अचानक ही रामकिशोर उठकर बैठ गए. उनके जिंदा होने की खबर इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है. दरअसल, खेती किसानी करने वाले रामकिशोर सिंह को कोई बीमारी नहीं थी. उन्होंने बताया कि उन्हें कभी बुखार भी नहीं आया. लेकिन चंद रोज पहले आंखों के सामने अंधकार छा गया. कुछ पता नहीं चला कि क्या हुआ. रामकिशोर की धड़कन भी बंद हो गई. गांव के लोगों ने उनके शरीर को देखा. होश नहीं आने पर परिवार में कोहराम मच गया. रामकिशोर कि जब सांसे थम गईं, तब परिवार के नम आंखों के साथ अंतिम संस्कार की तैयारियों में जुट गए. करीबी रिश्तेदार भी गांव पहुंच गए. परिवार और ग्रामीणों ने अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी.


इसी बीच जब शव को नहलाने के बाद अर्थी पर रखा गया तो रामकिशोर के शरीर में हलचल होने लगी. इसे देख लोगों को हैरानी हुई. तभी रामकिशोर उठ बैठे और सभी के नाम पुकारते हुए बोले चिंता मत करो मैं बिल्कुल ठीक हूं. यमदूत गलती से मुझे ले गए थे. अब वापस भेज दिया है. यह सुनकर सभी दंग रह गए और मातम का माहौल खुशियों में बदल गया.


मामले में जिला अस्पताल के डॉक्टरों से बातचीत की गई तो वे इसे चमत्कार मानने से इनकार कर रहे हैं. उनका कहना है कि ऐसा नहीं हो सकता. मामला जांच का विषय है. रामकिशोर की बातों में कितनी सच्चाई है यह तो नहीं पता लेकिन इलाके में उनके जिंदा होने की खबर चर्चा का विषय बनी हुई है.