विलक्षण प्रतिभा के धनी, विद्वान और वंशविशेष महापुरूष, कांग्रेस पार्टी के युवा अध्यक्ष श्री राहुल गांधी ने फिर दोहराया है कि रफाल और नीरव मोदी मुद्दे पर अगर उन्है बोलने दिया जाये तो प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी भाग खड़े होगें... उन्हौने मिडिया के सामने दूसरी बार इस बात को दोहराया है, जबकी संसद में व्यक्तिगत तौर पर उन्हौने इन मुद्दो पर कभी बोलने की कोशिश ही नहीं की.. रफाल डील के बाद राहुल गांधी को संसद में तीन बार बोलने का मौका मिला पर उन्हौने इस रफाल सौदे का जिक्र तक नहीं किया, यहां तक की पिछले चार सालों में एक प्रश्न तक नहीं पूछा, सिर्फ एक बार 1अगस्त 2014 को बोलने के लिए खड़े हुए थे.. वह भी इजरायल में गाजा पट्टी पर हमले के मुद्दे पर.. वे 14 मार्च 2016 को भी बोले, पर बेमौसम बरसात पर बोले, रफाल पर नहीं बोले...
राहुल गांधी को पूरा देश सुनना चाहता है, उनके खास उन 15 मिनट को तो जरूर.. जिन्है सुनकर मोदी जी भाग खड़े होगें.. जरूर कुछ नया लायें है वो इस बार.. अगर वाकई मोदी जी राहुल को सुनकर भाग खड़े होते है तो उनका ये भाषण इतिहास में लिखा जायेगा... बहरहाल ये तो बेहतर समाचार है कि राहुल जी संसद के अंदर नहीं, बाहर ही सही.. बोल तो रहे है.. और वो भी उस पार्टी के अध्यक्ष के तौर पर, जिस पार्टी के अध्यक्षपद को इन्दिरा गांधी, मनमोहन सिंह, पीवी नरसिंह राव जैसे कई महान और विद्वान व्यक्तियों ने कांग्रेस को बुलन्दियों पर पहुंचाया है
अब आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी न्यूटन के नियम की तरह कांग्रेस में लागू वंशानुगत नियम के अनुसार राहुल गांधी को मिली है, इस नियम में पात्र की अपेक्षा वंश को महत्व दिया जाता है इसी नियम के आधार पर इस अद्भुत प्रतिशाली युवा को ये जिम्मेदारी सौंपी गयी है और बेशक उसी तरह वो निभा भी रहे है.. अपने आधे घण्टे के अनौखे भाषण से जब राहुल श्रोताऔं को विचलित कर सकते है तो बिल्कुल संभव है कि अपने पन्द्रह मिनट की बात मेें प्रधानमंत्री को भी भाग खड़े होने को मजबुर कर सकते है..
तब शायद प्रधानमंत्री भी भागते भागते जरूर सोचेगें... जान बची और लाखों पाये... जय हो ।।