जोधपुर नाबालिग से रेप केस में आसाराम को दोषी करार दिया गया है. जोधपुर कोर्ट के जज मधुसूदन शर्मा ने आसाराम समेत तीन आरोपियों को दोषी करार दिया है. आसाराम के अलावा यौन शोषण मामले में सह आरोपी शरतचंद और शिल्पी को भी कोर्ट ने दोषी माना है. जबकि शिवा और शिल्पी को अदालत ने बरी कर दिया है.


सजा पर बहस जारी


दरअसल जोधपुर सेंट्रल जेल में बने कोर्ट में ही इस मामले पर सुनवाई चल रही है. जेल में लगी अदालत में आसाराम अपने तय समय से 15 मिनट की देरी से पहुंचे. कहा जा रहा है कि इससे पहले आसाराम बैरक में ही बैठकर पूजा-पाठ कर रहे थे. कोर्टरूम में पहुंचने के कुछ मिनट बाद जज ने आसाराम को दोषी करार दे दिया. आसाराम के यहां पहुंचने से पहले ही केस पर सुनवाई चल रही थी. अब दोषी करार दिए जाने के बाद सजा पर बहस हो रही है.


कोर्ट में पुलिस की दलील


दोषी करार देते ही पुलिस की ओर से जज को दलील दी गई है कि जोधपुर समेत राज्य के दूसरे शहरों में कर्फ्यू जैसे हालात हैं. इसलिए संभव हो तो फैसले का ऐलान आज ही कर दिया जाए. क्योंकि अगर फैसला सुरक्षित रखा जाता है तो फिर ऐलान की तारीख पर प्रशासन को एक बार सुरक्षा के इंतजाम आज ही की तरह करना पड़ेगा.


जोधपुर किले में तब्दील


पुलिस की ओर से कहा गया है कि शहर को किले में तब्दील करने के लिए भारी संख्या में सुरक्षाबल तैनात किए गए हैं और जिसपर लाखों का खर्च होता है. ऐसे में अगर आज ही सजा सुनाई दी जाए तो पुलिस-प्रशासन के लिए बेहतर होगा.


गौरतलब है कि आसाराम पर 15 और 16 अगस्त 2013 की दरम्यानी रात बलात्कार का आरोप एक लड़की ने लगाया था. आरोप है कि जोधपुर के एक फार्म हाउस में आसाराम ने इलाज के बहाने उसका यौन उत्पीड़न किया था.