3 मई, बृहस्पतिवार को चतुर्थी तिथि है। इस दिन को संकष्टी चतुर्थी अथवा गणेश चतुर्थी व्रत के रूप में मनाए जाने का विधान है। वैसे तो इस दिन श्री गणेश के निमित्त व्रत किया जाता है। यदि व्रत करना संभव न हो तो राशि के अनुसार कुछ उपाय करके बप्पा से मनचाहे मुनाफे का वरदान पाया जा सकता है। 


मेष- कुछ भी नया शुरू करने में परेशानी आ रही है तो आज से हर रोज संकटनाशक गणेश स्तोत्र का पाठ करें। बुधवार और गणेश चतुर्थी पर बप्पा को मोदक का भोग लगाकर गरीबों में बांट दें।


वृष- सफलता के बहुत करीब जाकर भी असफल हो जाते हैं तो आज के दिन मिट्टी का घड़ा लेकर उसके मुंह पर कच्चा नारियल रखकर कलावे से बांध दें। फिर उसे किसी पवित्र नदी में प्रवाहित कर दें।


मिथुन- दाम्पत्य जीवन में आ रही तकरार को प्यार में बदलने के लिए पति-पत्नी श्री गणेश को दूर्वा की सात गाठें चढ़ाएं। बुधवार और गणेश चतुर्थी पर बूंदी के लड्डू भेंट करें लेकिन स्वयं न खाएं।  


कर्क- वर्क प्लेस पर लोग आपसे जलते हैं, उच्च अधिकारियों का सहयोग नहीं मिल पाता या बॉस से मनमुटाव रहता है तो अपने मंदिर में दूर्वा से बने गणपति की प्रतिमा स्थापित करें। 


सिंह- परिवार में कलह मची रहती है तो बुधवार अथवा गणेश चतुर्थी के दिन गणेश जी को लाल सिंदूर का तिलक लगाएं, गाय के शुद्ध घी और गुड़ का भोग अर्पित करें। परिवार में सुख-शांति और खुशहाली के दिन लौट आएंगे।


कन्या- इनकम बढ़ाने के लिए गणेश जी के इस मंत्र का जाप करें ‘ऊँ गं गणपतये नमः’। कम से कम एक माला जाप करने के बाद कपूर से आरती उतारें।


तुला- यदि आपके जीवनसाथी के मिजाज कुछ बिगड़े-बिगड़े रहते हैं तो श्री गणेश को गाय के घी का दीपक अर्पित करें और छोटी इलायची का भोग लगाएं। फिर यह इलायची अपने जीवनसाथी को खिला दें।    


वृश्चिक- मनचाही जॉब मिलने में दिक्कत आ रही हो तो बुधवार अथवा गणेश चतुर्थी पर ‘ऊँ विघ्नेश्वराय नमः’ मंत्र का कम से कम एक माला जाप करें।


धनु- नकारात्मकता से छुटकारा पाने के लिए बप्पा को लाल रंग के फूल चढ़ाएं। केले और नैवेद्य का भोग लगाएं। अच्छे दिन लौट आएंगे।


मकर- याददाश्त तेज करने के लिए बुधवार अथवा गणेश चतुर्थी पर साबुत हल्दी को घिसकर पेस्ट बना कर कटोरी में निकाल लें। इससे भगवान गणेश को तिलक करें। फिर स्वयं के मस्तक पर तिलक लगाएं। जो पेस्ट बच जाए, हर रोज उसे अपने ललाट पर लगाएं। 


कुंभ- मंद पड़े कारोबार में तेजी लाने के लिए पान के पत्ते को गंगा जल से धो कर साफ करें, हल्दी से स्वास्तिक का चिन्ह बनाएं। फिर गणेश जी के चरणों में इसे अर्पित कर दें।


मीन- अनजाने भय या आस-पास के लोगों से बात करते घबराहट महसूस होती है तो सफेद रंग की प्रतिमा घर के मंदिर में स्थापित करें।