अंकारा तुर्की ने अमेरिकी दूतावास को तेल अवीव से यरुशलम ले जाने के डॉनल्ड ट्रंप प्रशासन के फैसले के विरोध के तौर पर अमेरिका व इजरायल से अपने राजदूतों को वापस बुला लिया है। हुर्रियत डेली न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, उपप्रधानमंत्री बकिर बोजदाग ने सोमवार को अंकारा में कैबिनेट की एक बैठक के बाद कहा, 'तुर्की ने तेल अवीव व वॉशिंगटन के राजदूतों को परामर्श के लिए वापस बुला लिया है।' 

इजरायली सुरक्षा बलों ने सोमवार को गाजा सीमा पर हुए भारी विरोध-प्रदर्शन के दौरान 59 फिलिस्तिनियों को मार गिराया था। बोजदाग ने कहा, 'इस सोमवार का दिन मुस्लिमों व इस्लामिक देशों के इतिहास में खूनी सोमवार के रूप में दर्ज होगा।' उन्होंने कहा कि अमेरिका ने यरुशलम में दूतावास खोलकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के निर्णयों का उल्लंघन किया है। 


इस बीच, राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन ने सोमवार को कहा कि देश ने तीन दिवसीय राष्ट्रीय शोक घोषित कर दिया है। एर्डोगन ने लंदन में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा, 'हम अपने फिलिस्तीनी भाइयों के साथ एकजुटता प्रदर्शित करने लिए बुधवार से 3 दिनों का राष्ट्रीय शोक घोषित करते हैं।' राष्ट्रपति ने दोहराया कि इजरायल एक आतंकवादी राष्ट्र है। एर्दोगन ने इन हत्याओं को नरसंहार बताया। उन्होंने कहा कि 18 मई को इंस्ताबुल में एकजुटता के प्रतीक के तौर पर एक बड़ी रैली आयोजित होनी है।