राज्य सरकार ने करौली जिला प्रमुख अभय कुमार मीना को सस्पेंड कर दिया है. फर्जी दस्तावेजों से चुनाव लड़ने के मामले में राज्य सरकार ने ये कार्रवाई की है. पंचायतीराज विभाग ने मंगलवार को इस सम्बन्ध में आदेश जारी करते हुए उनके निलंबन काल में जिला परिषद् के किसी भी कार्य या कार्यवाही में भाग लेने पर रोक लगा दी है.


पंचायतीराज विभाग को जिला प्रमुख अभय कुमार मीना के विरुद्ध फर्जी दस्तावेजों के आधार पर चुनाव लड़ने की शिकायत मिली थी जिस पर संभागीय आयुक्त के माध्यम से करौली जिला कलेक्टर द्वारा प्रकरण की जांच करवाई गई. जांच रिपोर्ट के आधार पर संभागीय आयुक्त ने जिला प्रमुख द्वारा कूटरचित दस्तावेजों का सहारा लिए जाने की बात कही. साथ ही उन पर पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवाने और अनुशासनात्मक कार्यवाही की अनुशंषा की गई थी.


इस अनुशंषा की पालना में जिला परिषद् सीईओ ने करौली के कोतवाली थाने में जिला प्रमुख के विरुद्ध मामला दर्ज करवाया था जिसके अनुसंधान के बाद पुलिस द्वारा कोर्ट में चार्जशीट भी पेश की जा चुकी है. जांच रिपोर्ट और पुलिस अनुसंधान में प्रथम दृष्टया आरोप प्रमाणित पाए जाने पर राज्य सरकार ने पंचायतीराज अधिनियम की शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिला प्रमुख अभय कुमार मीना को सस्पेंड कर दिया है.