शुक्रवार, 18 मई को मासिक सिद्धि विनायक श्री गणेश चतुर्थी व्रत है। यह बप्पा की प्रिय तिथियों में से एक है। इस दिन गणेश जी का व्रत-पूजन करने से धन-धान्य और आरोग्य की प्राप्ति होती है और समस्त संकटों से मुक्ति मिलती है। सुबह विधि-विधान से भगवान गणेश की पूजा करने के बाद 21 लड्डुओं का भोग लगा कर गरीबों में बांट दें। रात को चंद्रमा को अर्घ्य दें लेकिन उसकी तरफ न देखें। करें ये उपाय- 


स्वास्थ्य लाभ के लिए

एकदंताय की मूर्ति के आगे घी का दीपक जला कर 'ऊँ ह्रीं ग्रीं हीं' मंत्र की प्रतिदिन 11 मालाओं के जप करने से व्यक्ति रोग मुक्त होकर शीघ्र ही आरोग्यता प्राप्त करता है।


दांपत्य सुखद बनाने के लिए

विनायकाय की प्रतिमा के आगे शुद्ध घृत का दीपक जलाकर नित्य 'ऊँ गणप्रीति विवर्धनाय नम:' मंत्र की एक माला प्रतिदिन जप करने से पति-पत्नी का आपसी मतभेद शीघ्र दूर होकर मधुर संबंध स्थापित होते हैं।


क्लेश दूर करने के लिए 

गजाननाय की मूर्ति पर जल व पुष्प चढ़ाकर 'ऊँ विघ्न विनाशिन्यै नम:' मंत्र की प्रतिदिन 11 मालाओं के जप करने से शीघ्र क्लेश दूर होते हैं।


कार्य सिद्धि हेतु

गजानन की नियमित विधि-विधान से पूजा करके लड्डुओं के साथ 'ऊँ मोदक प्रियाय नम:' मंत्र के जप करने से मनोवांछित कार्यों में सिद्धि प्राप्त होती है।