रायपुर। छत्तीसगढ़ में सीबीआई (केंद्रीय जांच ब्यूरो) का विवादों से गहरा नाता रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के बाद सीबीआई को जग्गी हत्याकांड, विधायक खरीद-परोख्त, बिलासपुर एसपी राहुल शर्मा खुदकशी मामले के साथ बिलासपुर के पत्रकार सुशील पाठक और छुरा (गरियाबंद) के पत्रकार उमेश राजपूत हत्या के मामले के बाद मंत्री की कथित सीडी की जांच का जिम्मा सौंपा गया।


इन बहुचर्चित छह प्रकरणों की जांच काफी धीमी गति से सीबीआई ने शुरू की, लेकिन एक भी प्रकरण में ठोस परिणाम अभी तक नहीं आया। विधायक खरीद फरोख्त, एसपी खुदकशी और सुशील पाठक हत्याकांड की लंबी जांच के बाद अंत में सीबीआई ने क्लोजर रिपोर्ट पेश कर दी। बाकी मामलों में सीबीआई खुद विवादों में फंस गई।


ताजा मामला सीडी कांड की जांच में सीबीआई पर प्रताड़ना का आरोप लगा है। पूछताछ से परेशान होकर ऑटोमोबाइल कारोबारी रिंकू सिंह खनूजा ने मंगलवार को अपने दफ्तर में फांसी लगाकर खुदकशी ली, जिससे सियासत गरम हो गई है।


दो साल पहले पत्रकार उमेश राजपूत हत्याकांड के संदेही शिव वैष्णव ने सीबीआई की कस्टडी में खुदकशी कर ली थी, तब भी मामला कई महीने तक गरमाया था। हालांकि पुलिसिया जांच में सीबीआई को क्लीनचिट देने से मामला ठंडा पड़ गया। शिव के परिजन आज भी न्याय की गुहार लगाते भटक रहे हैं।


मैसेज में लिखा मेरा आखिरी सलाम


पुरानी गाड़ियों की खरीद-बिक्री के साथ प्रॉपटी डीलिंग, ब्याज पर पैसे देने-लेने का काम करने वाला रिंकू खनूजा घर से निकलने के 24 घंटे बाद मंगलवार की सुबह करीब आठ बजकर 51 मिनट पर अपने परिवार के वॉट्सएप ग्रुप में आखिरी मैसेज भेजा था। उसने बच्चों और पत्नी से मांगी मांगते हुए उसने लिखा था- यह मेरा आखिरी नमस्कार है। आप लोग अपना ध्यान रखना। फिलहाल खनूजा की आत्महत्या करने की वजह साफ नहीं है। पुलिस जांच कर रही है।


अकेले फंसने का था डर


चर्चा है कि सीबीआई ने पूछताछ के दौरान भाजपा नेता कैलाश मुरारका, सुरेश गोयल के साथ रिंकू खनूजा पर ही सीडी बनाने के पुख्ता सुबूत होने की बात कही थी। तीनों को आमने-सामने बैठाकर कड़ी पूछताछ की गई थी। सूत्र बताते हैं कि अकेले फंसने, अपराध स्वीकार करने के मानसिक दबाव से परेशान होकर रिंकू ने सुसाइड की। हालांकि रिंकू को बचपन से जानने वालों का कहना है कि वह सबकुछ कर सकता था, लेकिन खुदकशी करने की सोच भी नहीं सकता था।


सीबीआई ने मांगे थे दस्तावेज


सीबीआई ने रिंकू खनूजा का बयान दर्ज करने के बाद उससे कुछ दस्तावेज मांगे थे। घटनास्थल पर पहुंचे क्राइम ब्रांच के निरीक्षक सतीश सिंह गहरवार ने रिंकू के ऑफिस से ढेरों दस्तावेज, कॉपी, रजिस्टर, लेन-देन का हिसाब-किताब, कंप्यूटर, मॉनिटर, मोबाइल आदि जब्त कर लिया।


दस्तावेजों की जांच से खुदकशी की वजह होगी साफ


निरीक्षक सतीश सिंह का कहना है कि जब्त दस्तावेजों को इसलिए देखा जा रहा है कि कहीं पर उसने खुदकशी के कारणों का जिक्र किया हो। उम्मीद की जा रही है कि मोबाइल और कम्प्यूटर की जांच से आत्महत्या की वजह सामने आ सकती है। सीबीआई पूछताछ के अलावा पुलिस इस संबंध में भी जांच कर रही है कि कारोबारी ने कहीं ब्याज में बड़ी रकम तो नहीं ले रखी थी, जिसे लेकर उस पर दबाव था।


राजनैतिक पार्टी से जुड़ा था रिंकू


रिंकू खनूजा ने अपने फेसबुक वॉल पर अपनी राजनीति और जल्द ही बड़ा पद और जिम्मेदारी मिलने की बात लिखी थी। रिंकू कारोबारी होने के साथ ही राजनीति से भी जुड़े थे। उन्होंने फेसबुक पर पिछले साल 17 मई को अंतिम बार 30 मई लिखा था कि मित्रों विगत कई वर्षों से मैं अप्रत्यक्ष रूप से राजनीति से जुड़ा हूं और एक पार्टी विशेष के लिए कार्य करता आ रहा हूं। आगामी आने वाले चुनाव में मुझे एक अतिमहत्वपूर्ण पद या जवाबदारी मिलने जा रहा है। आप सभी का प्यार स्नेह व आशीर्वाद यूं ही हमेशा मिलता रहे। बस यही अभिलाषा है।


संदिग्ध मौत की न्यायिक जांच की मांग


सिक्ख समाज छत्तीसगढ़ ने रिंकू खनूजा की सीबीआई द्वारा पिछले तीन दिनों से शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना से हुई मौत पर रोष जताते हुए मामले की न्यायिक जांच की मांग शासन से की है। रिंकू की मां शोभा खनूजा के अनुसार रोज सुबह 9 बजे सीबीआई के अधिकारी घर से रिंकू को ले जाते थे और शाम को जब छोड़ जाते थे तो उसके चेहरे और पीठ पर मारपीट के निशान मिलते थे।


4 जून को सुबह जब सीबीआई वाले रिंकू को लेकर गए उसके दूसरे दिन मंगलवार को रिंकू की लाश घर आई। कथित सीडी कांड में जांच के नाम पर रिंकू को लगातार प्रताड़ित किया गया। सोमवार की शाम को रिंकू के घर वापस नहीं आने पर परिजनों को सीबीआई अधिकारियों द्वारा गोलमोल जवाब दिया गया जिससे सीबीआई की भूमिका संदिग्ध नजर आती है।


रिंकू द्वारा भेजे गए आखिरी मोबाइल संदेश पर भी परिजनों द्वारा आशंका जताई गई है कि मोबाइल से तो कोई भी मैसेज भेज सकता है। सिक्ख समाज छत्तीसगढ़ के सुरेन्द्र सिह छाबड़ा, महेंद्र सिंह छाबड़ा, रिपुदमन सिह पुसरी, इंदरजीत सिह छाबड़ा, महेंद्र सिंह सलूजा,मीडिया प्रभारी गुरमीत सिंह गुरदत्ता, तेजिन्दर सिह होरा,सतपाल सिंह खनूजा,रश्मीत सिह खुराना, बलजीत सिंह होरा,राजू गुम्बर ने रिंकू खनूजा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को लेकर सीबीआई अफसरों की भूमिका पर संदेह व्यक्त करते हुए न्यायिक जांच की मांग की है।


कारोबारी भाटिया भी लगा चुके गंभीर आरोप


सेक्स सीडी कांड मामले को लेकर भिलाई के कारोबारी विजय भाटिया ने भी सीबीआई पर गंभीर आरोप लगाए है। उन्होंने सीबीआई के डीएसपी रिचपाल सिंह को भेजे गए एक पत्र में लिखा है कि 'सीडीकांड मामले को लेकर सीबीआई के समक्ष कई बार मैं बयान देने गया हूं, मैंने उस दौरान संपूर्ण जानकारी दे दिया था, जिसके बाद मुझ पर पीसीसी चीफ भूपेश बघेल के खिलाफ झूठा बयान देने का दबाव बनाया जा रहा है।


ऐसा करने से मना करने पर मुझे यह कह कर डराया गया कि अगर मैं सीबीआई की बात नहीं मानूंगा तो मुझे भी प्रकरण का आरोपी बना दिया जाएगा। मुझे वर्तमान में फोन में यह कहकर दबाव लगातार बनाया जा रहा है कि दिल्ली जाकर सीबीआई कार्यालय में उनके बताए अनुसार भूपेश बघेल के खिलाफ बयान दर्ज कराऊँ।


मैं नहीं चाहता की झूठा बयान देकर कोई पाप का काम करूं। मैं सीबीआई अफसरों के कहे अनुसार बयान देने में असमर्थ हूं इसलिए यह सूचना आपको प्रेषित कर रहा हूं।


रिश्वत लेते पकड़ा गया था सीबीआई का एसआई


दिसम्बर 2010 में पत्रकार सुशील पाठक हत्याकांड की जांच कर रहे सीबीआई के एक एसआइ को 2012 में दो लाख की रिश्वत लेते रंगेहाथ सीबीआई के ही अफसरों ने पकड़ा था। वर्ष 2011 में पत्रकार उमेश राजपूत की गोली मारकर की गई हत्या के मामले में संदेही शिव वैष्णव ने सितम्बर 2016 में सीबीआई कस्टडी में खुदकशी कर ली थी।