फिल्म ‘कोई मिल गया’ का जादू तो याद है न आपको। जो बच्चों को फुटबॉल खेलते समय हवा में उड़ने की ताकत देता है। लेकिन एलियन जादू भी उस वक्त मजबूर हो जाता है, जब धूप चली जाती है। उसकी शक्तियां भी काम नहीं करती। कुछ ऐसा ही हाल मानव शरीर का है। हमारा शरीर तभी तक बेहतर काम करता है, जब तक इसे सूर्य की रौशनी और तरंगे मिलती रहती हैं। अगर ऐसा न हो तो हमारा शरीर बीमार रहने लगता है। घर में रोशनी का सबसे अधिक कारगर रास्ता होती हैं घर की खिड़कियां। वास्तु के अनुसार जानें कि किस दिशा में बनी खिड़कियां सूर्य की रोशनी के साथ समृद्धि का प्रकाश भी लाती हैं…

घर बनवाते समय और खासतौर से खिड़कियों के लिए स्पेस छुड़वाते समय इस बात का ध्यान रखें कि घर में खिड़कियां हमेशा सम संख्या में होनी चाहिए। जैसे, 2,,4,6,8,10 इत्यादि। विषम संख्या में खिड़कियां शुभ नहीं मानी जातीं। खिड़कियां घर की पूर्व, पश्चिम और उत्तर दिशा पर होना शुभ माना जाता है। दक्षिण दिशा में खिड़कियां बनवाने से बचना चाहिए।

कोशिश करिए कि आपके घर का जो मुख्य द्वार है, उसके दोनों तरफ खिड़कियां बन सकें। इससे चुंबकीय चक्र पूरा होता है और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह लगातार बना रहता है।

दक्षिण दिशा में खिड़कियां बनाना मजबूरी हो तो उन्हें कम से कम खोलें। खिड़कियों को साफ और स्वच्छ रखें। खिड़कियां खुलते समय आवाज न हो इसका विशेष ध्यान रखें। एक और बात कि घर की खिड़कियां हमेशा अंदर की तरफ खुलनी चाहिए। खिड़कियों का साइज जितना बड़ा हो उतना अच्छा माना जाता है।

पूर्व दिशा में बनी हुई खिड़कियां न केवल सूर्य की पहली किरण को घर में प्रवेश कराती हैं,बल्कि इस रौशनी के साथ सौभाग्य भी लेकर आती है। इससे घर-परिवार के लोगों को लगातार तरक्की मिलती है।

उत्तर दिशा धन के देवता कुबेर की दिशा मानी जाती है। इस दिशा में खिड़कियां परिवार पर कुबेर देवता की कृपादृष्टि के लिए अच्छी मानी जाती है। इससे घर में लगातार धन बरसता रहता है।

यदि आपके प्लॉट के उत्तर में किसी अन्य का प्लॉट हो तो आप अपने घर का निर्माण कराते समय थोड़ा स्थान उत्तर दिशा की तरफ छोड़ दें और फिर घर का निर्माण कराएं। ऐसा करने से आपके घर का साइज छोटा जरूर हो जाएगा, लेकिन इस दिशा से आने वाली समृद्धि से आप ऐसे कई घर बना सकते हैं।