देश में स्टार्टअप्स हर साल बढ़ रहे हैं, लेकिन उनके लंबे समय तक बाजार में नहीं टिक पाना एक चिंता का विषय है। साल 2017 में स्टार्टअप्स की संख्या में सात फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई। करीब एक हजार नए स्टार्टअप्स इस दौरान खुले। मगर साथ ही 90 फीसदी ऐसे स्टार्टअप्स भी रहे, जो अपने शुरुआती पांच साल में भी विफल हो गए। विफलता की प्रमुख वजह नवीनता और फंडिंग की कमी रही। 

5000-5200 स्टार्टअप भारत में 2017 तक 

1000 नए स्टार्टअप जुड़े साल 2017 में 

1503 स्टार्ट अप बंद हुए 2015 से 2017 के बीच 

बंद होने वाले स्टार्टअप्स में दिल्ली-एनसीआर की बहुलता 


कारोबार 

3200 करोड़ डॉलर का बाजार मूल्य है भारतीय स्टार्टअप्स का 

640 करोड़ डॉलर की फंडिंग 2017 के पहली दो तिमाही में  

167 फीसदी की बढ़ोतरी हुई पिछले साल की तुलना में 


छोटे शहर भी दौड़ में 

20 फीसदी स्टार्टअप टायर-2 और 3 शहरों से नासकॉम के अनुसार 

450 छात्र स्टार्टअप भी इन्क्युबेटर के माध्यम से चल रहे 


विश्व में रैंकिंग 

37वें नंबर पर भारत 125 देशों की रैंकिंग में 

बेंगलुरु, दिल्ली और मुंबई दुनिया के शीर्ष शहरों में शामिल स्टार्टअप्स के मामले में 


(स्रोत : नैसकॉम-2017 और आईबीएम-2017)