बिलासपुर। डेयरी व्यवसायी को उधार में 90 हजार रुपये देकर सूदखोरी करने वाली महिला व उसका पति बतौर ब्याज 36 हजार रुपये का दूध लेते रहे। फिर भी बकाया सात लाख रुपये बताकर चेक व कोरे स्टाम्प पेपर में हस्ताक्षर करा लिए। वर्ष 2015 से अब तक करीब 17 लाख रुपए के दूध के साथ ही नकदी देने के बाद भी उससे बकाया रकम देने के लिए परेशान किया जा रहा है। पीड़ित युवक की रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपी पति-पत्नी के खिलाफ कर्जा एक्ट व भयादोहन करने का मामला दर्ज कर लिया है।


सिविल लाइन पुलिस के अनुसार गंगानगर फेस-दो निवासी शिशिर मिश्रा डेयरी व्यवसायी है। वह डेयरी दुकानों में दूध सप्लाई करता है। वर्ष 2015 में उसने नेहरू नगर में डेयरी दुकान चलाने वाली पुष्पा सैनी पति छेदीलाल (45) से उधार में 40 हजार रुपये लिए थे।


इसके एवज में प्रतिमाह 10 फीसदी ब्याज की बात तय हुई थी। लेकिन दूसरे माह से ही वह 20 प्रतिशत ब्याज वसूल करने लगी। फिर 2016 में महिला से वह 50 हजार रुपये और लिया। इस बीच ब्याज समेत उसने एक लाख 40 हजार रुपये वापस किया। इसके साथ ही ब्याज की रकम के रूप में लगातार प्रतिमाह 36 हजार रुपए का दूध देता रहा।


इसके बाद भी महिला व उसका पति उससे सात लाख की मांग करने लगे। इस बीच महिला ने उससे स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के आठ चेक व कोरे स्टॉम्प पेपर में हस्ताक्षर करा लिया। बाद में महिला व उसके पति ने उसके डेयरी का सौदा कर झूठा एग्रीमेंट तैयार कर लिया।


इसी को आधार बनाकर वह रकम की मांग करते हुए डेयरी रजिस्ट्री कराने के लिए दबाव बनाने लगी। इस बीच मामले की जानकारी शिशिर मिश्रा के परिजन को हुई, तब सभी चर्चा करने के लिए नेहरू नगर गए थे, लेकिन महिला ने झूठा आरोप लगाकर उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी।


इस पर शिशिर ने मामले की लिखित शिकायत सिविल लाइन थाने में की। पुलिस ने उसकी शिकायत जांच के बाद आरोपी महिला पुष्पा सैनी व उसके पति प्रमोद सैनी के खिलाफ कार्रवाई की गई है।