नई दिल्ली, हर बार बोर्ड परीक्षाओं के टॉपर्स को लेकर सुर्खियों में रहने वाला बिहार शिक्षा बोर्ड इस बार अन्य परीक्षार्थियों के नंबर की वजह से सुर्खियों में है. दरअसल कई परीक्षार्थियों का आरोप है कि इस बार उन्हें कुल नंबरों से ज्यादा अंक हासिल हुए हैं. वहीं कई विद्यार्थियों की शिकायत है कि उन्हें उन विषयों में भी नंबर दिए गए हैं, जिनकी उन्होंने परीक्षा ही नहीं दी.


टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार अरवाल जिले के भीम कुमार को गणित (थ्योरी) में 35 में से 38 अंक प्राप्त हुए हैं जबकि ऑब्जेक्टिव टाइप सवालों में 35 में से 37 अंक दिए गए हैं. भीम कुमार का कहना है, 'मैं इस गलती को लेकर आश्चर्यचकित नहीं हूं क्योंकि यह गलतियां राज्य बोर्ड में होती रहती है.

वहीं पूर्वी चंपारण के रहने वाले संदीप राज को फिजिक्स के थ्योरी पेपर में 35 में से 38 अंक मिले हैं. वहीं संदीप को राष्ट्र भाषा और अंग्रेजी में जीरो नंबर मिले हैं. एक छात्र को गणित के पेपर में 35 में से 40 अंक मिले हैं.


दूसरी ओर कई ऐसे छात्र भी हैं, जिन्होंने परीक्षा में भाग ही नहीं लिया और उन्हें रिजल्ट में नंबर दिए गए हैं. वैशाली की रहने वाली जानवी सिंह का दावा है कि उन्होंने बायोलॉजी के पेपर में भाग नहीं लिया था, लेकिन उन्हें 18 अंक दिए गए हैं. ऐसे ही कई केस अन्य बच्चों के साथ हुए हैं, जो कि बोर्ड की ऐसी लापरवाही से परेशान है.


बता दें कि बिहार बोर्ड ने हाल ही में 12वीं बोर्ड परीक्षा के नतीजे जारी किए थे, जिसमें टॉपर कल्पना कुमारी को लेकर विवाद हुआ था. इस बार कल्पना की उपस्थिति को लेकर विवाद हुआ. इससे पहले टॉपर्स की बौद्धिक क्षमता और आयु को लेकर सवाल उठ चुके हैं. गौरतलब है कि इस बार परीक्षा में 52.95 उम्मीदवार सफल हुए हैं.