समय पूर्व प्रसव गर्भवती महिला और उसके शिशु दोनों के लिए खतरनाक हो सकता है। इसके नुकसानदायक पक्ष को देखते हुए विशेषज्ञों ने एक ऐसा तरीका ईजाद करने का दावा किया है, जो 80 फीसदी सटीकता के साथ समय पूर्व प्रसव के बारे में बताने में सक्षम है।


यह शोध कैलिफोर्निया स्थित स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में किया गया। शोधकर्ताओं ने कहा कि खून की जांच से समय पूर्व प्रसव के बारे में पता लगाना आसान हो जाएगा। उनका दावा है कि यह जांच 80 फीसदी तक सटीक नतीजे देने में सक्षम है। इसके साथ ही इससे अल्ट्रासाउंड की तरह प्रसव होने की सही तारीख का पता लगा जा सकता है। खास बात यह है कि इसकी लागत अल्ट्रासाउंड के मुकाबले काफी कम है। 


अध्ययन में कहा गया है कि समय से पहले जन्म लेने वाले शिशुओं में सांस लेने में तकलीफ, स्तनपान में परेशानी होने के अलावा संक्रमण होने की आशंका भी अधिक होती है। शोधकर्ताओं ने उम्मीद जताई इस नई जांच से डिलिवरी डेट को अधिक सटीकता के साथ बताया जा सकेगा। 

इससे समय पूर्व जन्म लेने वाले शिशुओं के इलाज को समय रहते शुरू किया जा सकेगा।


इस कदम से समय पूर्व प्रसव को टालने के लिए नई दवा बनाने के लिए शोध को बढ़ावा मिलेगा। विशेषज्ञों का कहना है निर्धारित समय से तीन हफ्ते पहले जन्म होने को समय पूर्व प्रसव कहा जाता है।