जयपुर। राजस्थान की 13 जिलों में सूखे की स्थिति से निपटने के लिए केन्द्र सरकार से मांगी गई सहायता के नाम पर उंट के मुंह में जीरे के बराबर ही राशि मिली है। राजस्थान सरकार ने सूखे से निपटने के लिए तीन हजार करोड़ रूपए की सहायता मांगी थी, लेकिन केन्द्र ने सिर्फ 526 करोड़ की राशि स्वीकृत की है।


राजस्थान में पिछले वर्ष मानसून के दौरान एक तरफ जहां कुछ जिलों में बाढ़ के हालात बने थे, वहीं कई जिलों में सूखे की स्थिति थी। रजस्थान सरकार ने प्रदेश के 13 जिलों बाड़मेर, भीलवाड़ा, बीकानेर, चूरू, डूंगरपुर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, जयपुर, जैसलमेर, झुंझुनू, जोधपुर, नागौर और सवाईमाधोपुर की 41 तहसीलों को सूखाग्रस्त घोषित किय था।


राजस्थान के आपदा प्रबंधन विभाग ने केंद्र सरकार को सूखा राहत के लिए 3078 करोड़ की सहायता का ज्ञापन भेजा था। ज्ञापन पर केंद्र की टीम ने फरवरी में प्रदेश के सूखा प्रभावित तहसीलों के गांवों का दौरा किया था। इस दौरे के बाद अब 526 करोड रुपए की राशि जारी की गई है।