वाराणसी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पंचक्रोशी परिक्रमा को लेकर शुक्रवार को पूरी प्रशासनिक मशीनरी सड़क पर उतर गई। प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारियों ने पंचक्रोशी मार्ग के पड़ाव स्थलों पर पूरे दिन व्यवस्था का जायजा लिया। सीएम की नजर में कोई कमी न दिखे, इसके लिए अफसर हांफते नजर आए। देर शाम कमिश्नर ने प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों की बैठक में कोई कमी न रहने की हिदायत दी।


योगी आदित्यनाथ पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं जो काशी में पंचक्रोशी परिक्रमा करेंगे। इसी बहाने वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र के विकास का सच भी देखेंगे। पंचक्रोशी परिक्रमा का अधिकांश हिस्सा पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र से गुजरता है। 


अब तक अधिकारी शहरी इलाके के विकास कार्यों का निरीक्षण करते-कराते रहे हैं। हालिया दिनों में विकास कार्यों एवं कानून व्यवस्था के मुद्दे पर सीएम के तेवर बदले हुए हैं। एक दिन पहले दो आईएएस अधिकारियों के निलम्बन के बाद बनारस के पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों की धड़कन बढ़ी हुई है। वैसे भी विकास कार्यो में लेट-लतीफी एवं जलनिगम के जेई पर जानलेवा हमले के मद्देनजर कानून व्यवस्था पर उठ रहे सवालों की गूंज लखनऊ तक पहुंची है। इसलिए अफसरों को भय है कि सीएम के सामने पंचक्रोशी तीर्थ पड़ावों की बदहाली एवं कानून व्यवस्था का मुद्दा न उठा जाए। यही कारण है कि प्रशासन ने युद्ध स्तर पर सड़कों की मरम्मत, सफाई एवं पेयजल-प्रकाश की व्यवस्था में ताकत झोंक दी। कमिश्नर दीपक अग्रवाल, आईजी विजय सिंह मीणा, डीएम योगेश्वर राम एवं एसएसपी आरके भारद्वाज ने परिक्रमा पथ का जायजा लिया। 


चार घंटे में 75 किमी यात्रा

सीएम योगी शनिवार शाम पांच बजे बनारस पहुंचेंगे। सर्किट हाउस से एक घंटे बाद वह पंचक्रोशी परिक्रमा के लिए निकलेंगे। राजघाट से मोटर बोट के जरिए मणिकर्णिका जाएंगे। वहां पर भगवान विष्णु की चरण पादुका का पूजन करने के बाद वह परिक्रमा शुरू करेंगे। कुछ घाटों तक वह पैदल जाएंगे। वहां से फिर अस्सीघाट तक मोटरवोट के जरिए पहुंचेंगे। अस्सी से कर्मदेश्वर महादेव, भीमचंडेश्वर महादेव, रामेश्वर महादेव, पांचो पांडवा, कपिलधारा स्थित तीर्थ पड़ावों पर दर्शन के बाद वह मणिकर्णिका लौटकर अपनी परिक्रमा को विराम देंगे। 


चप्पे-चप्पे पर होंगे सुरक्षाकर्मी

पंचक्रोशी परिक्रमा के हर तिराहे-चौराहे पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। तीर्थ पड़ावों पर पूजन के दौरान केवल सीएम एवं उनके साथ के प्रतिनिधि रहेंगे। इस दौरान सीएम योगी संबंधित पड़ावों के मंदिरों का इतिहास जानेंगे। वहां श्रद्धालुओं से बातचीत भी करेंगे। प्रशासन इसी बात से परेशान है कि कहीं कोई श्रद्धालु यात्रा के दौरान आने वाली दिक्कतों को बयां न कर दें। 


तीन सौ सफाई कर्मचारी, पानी के टैंकर भी

प्रशासन ने 75 किमी की पंचक्रोशी परिक्रमा के तीर्थ पड़ावों के एक किमी पहले से एक किमी बाद तक के सड़क मार्ग को चमका दिया है। तीर्थ पड़ावों पर पेयजल, प्रकाश, पंखे आदि की व्यवस्था की गई है। 300 से अधिक सफाईकर्मचारी लगाए गए हैं। शुक्रवार देर रात तक सड़कों की मरम्मत होती रही। बिजली के जर्जर तार बदले जा रहे थे। कल तक पानी के लिए भटकने वाले श्रद्धालुओं के लिए पानी के टैंकर लगे थे। धर्मशालाओं में नए-नए पंखे लगे देख श्रद्धालु भी कह उठे, काश हर साल मुख्यमंत्री पंचक्रोशी यात्रा करते तो श्रद्धालुओं को कोई कष्ट ही नहीं होता।