इलाहाबाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय के विभाग केंद्र सरकार के ऑनलाइन प्लेटफार्म 'स्वयं' के तहत अपने लेक्चर को ऑनलाइन करेंगे। ताकि इविवि के छात्र आवश्यकता पड़ने पर इसे दुबारा तो सुन ही सकें और दूसरे विश्वविद्यालयों के छात्र भी इससे लाभान्वित हों।


शुक्रवार को कुलपति प्रो. आरएल हांगलू की अध्यक्षता में हुई इविवि की एकेडमिक काउंसिल की बैठक में बीस प्रतिशत लेक्चर को ऑनलाइन करने का निर्णय लिया गया। यूजीसी ने मैसिव ओपेन ऑनलाइन कोर्स यानी मॉक के माध्यम से लेक्चर को ऑनलाइन करने की गाइडलाइन बनाकर सभी विश्वविद्यालयों को भेजा है। यूजीसी की कोशिश पढ़ाई के ऑनलाइन माध्यमों को विस्तार देना है।


राष्ट्रपति तय करेंगे पत्राचार संस्थान का भविष्य


काउंसिल की बैठक में इविवि पत्राचार संस्थान के मसले पर विजिटर यानी राष्ट्रपति को पत्र लिखने का फैसला लिया गया। केंद्रीय विवि बनने के बाद से पत्राचार संस्थान इविवि का अंग नहीं है। कुलपति प्रो. आरएल हांगलू के कार्यभार ग्रहण करने के बाद संस्थान की गतिविधियां ठप हो गईं। यहां बीए और बीकॉम में प्रवेश भी बंद हो गए। संस्थान के अफसरों और कर्मचारियों को वेतन मिलना भी बंद हो गया। कर्मचारियों की ओर से हाईकोर्ट में दाखिल याचिका पर कोर्ट ने वेतन भुगतान के आदेश दिए थे लेकिन इविवि के सामने संकट यह है कि उसके पास इसके लिए बजट नहीं है। हाईकोर्ट का आदेश आने के बाद इस मसले पर विचार करने के लिए कमेटी गठित की गई थी। काउंसिल की बैठक में इसकी रिपोर्ट रखी गई। तय हुआ कि विजिटर को पत्र लिखकर पूरे मामले से अवगत कराते हुए उनका मार्गदर्शन मांगा जाए क्योंकि संस्थान को बजट तभी मिलेगा, जब यह इविवि का अंग होगा और इसे इविवि का अंग बनाने का अधिकार विजिटर के पास ही है।


एमपीएड कोर्स की मान्यता को बनी कमेटी


शारीरिक शिक्षा विभाग की ओर से संचालित एमपीएड कोर्स को एनसीटीई से मान्यता दिलाने के लिए काउंसिल ने कमेटी गठित की है। यह कमेटी शिक्षक भर्ती के विज्ञापन में एनसीटीई के मानकों की अनदेखी संबंधी शिकायतों की भी जांच करेगी। अगर कमेटी मानकों की अनदेखी की शिकायत को सही पाती है तो शुद्धि पत्र जारी कर विज्ञापन संशोधित कर दिया जाएगा।


दीक्षांत समारोह के लिए बनी कमेटी


इविवि में दीक्षांत समारोह पिछले कई वर्षों से नहीं हुए। 2015 में कार्यभार ग्रहण करने के बाद से ही प्रो. आरएल हांगलू दीक्षांत समारोह कराने के लिए प्रयासरत हैं लेकिन वह भी अब तक अपने प्रयास में सफल नहीं हो सके हैं। काउंसिल की बैठक में इस मसले पर चर्चा हुई। दीक्षांत समारोह के लिए बुंदेलखंड विवि के पूर्व कुलपति प्रो. अविनाश चंद्र पांडेय की अध्यक्षता में कमेटी गठित करने का फैसला लिया गया।