राजस्थान में गर्मी का प्रकोप जारी है, ऐसे वन विभाग जंगलों जहां-जहां जरूरी है वहां पानी पहुंचा रहा है. सरिस्का और रणथंभौर जैसे अहम जंगलों में अकाल के से हालात होने के कारण वहां वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया था. ऐसे में वन विभाग लगातार जंगल में पानी पहुंचा रहा है, ताकि जंगल में पानी की कमी न आये.


वन महकमें ने प्रदेश की सभी वन रेंजों में जंगल में पानी की रेगुलर सप्लाई के निर्देश दिए हुए हैं. जंगल में पानी पहुंचाने से वन विभाग और आम लोगों को दो फायदें होंगे. इससे वन्यजीवों की प्यास के कारण मौत के मामले कम होंगे और दूसरे वन्यजीवों का आबादी क्षेत्रों की ओर आना कम होगा, क्योंकि भूखे प्यासे वन्यजीव ही ज्यादातर आबादी का रुख करते हैं, जिससे जानवर और इंसानों के टकराव के मामले बढ़ जाते हैं.


पानी सप्लाई से जानवरों की इंसानों से भिड़ंत के मामले भी कम हो सकेंगे, वन विभाग की और से जंगल में पानी की रेगुलर सप्लाई के निर्देश हैं. वन विभाग इसके लिए जरूरी बजट भी पास कर चुका है. प्रदेश में अप्रैल से जारी भीषण गर्मी के कारण जंगलों में मौजूद ज्यादातर जलाशय तालाब और अन्य पानी के स्त्रोत सूख चुके हैं. ऐसे में वन विभाग फिलहाल पूरी तरह से कृत्रिम रूप से जंगलों में पानी पहुंचा रहा है. मानसून के पूरी तरह से सक्रीय होने तक पानी की सप्लाई जा रहेगी.


जंगल के अपने अलग ही कायदे होते हैं, लेकिन लगातार सिमटते जंगल और बदलते हालात के कारण वहां मौजूद वन्यजीवों के वजूद पर हर साल गर्मियों में सवालिया निशान लग जाता है, उम्मीद है कि आने वाले वक्त में वन विभाग इस समस्या का कोई स्थाई समाधान खोज निकालेगा.