नई दिल्ली, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी 13 जून को इफ्तार पार्टी देंगे. कांग्रेस दो साल के अंतराल के बाद इफ्तार का आयोजन करने जा रही है. पार्टी के अल्पसंख्यक विभाग को इफ्तार के आयोजन की जिम्मेदारी दी गई है.  


राहुल के कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद पार्टी की ओर से पहली बार इफ्तार का आयोजन किया जा रहा है. कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष नदीम जावेद ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल की मेजबानी में 13 जून को इफ्तार का आयोजन किया जाएगा. यह आयोजन ताज पैलेस होटल में होगा.


इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष रहने के दौरान सोनिया गांधी ने 2015 में इफ्तार का आयोजन किया था. कांग्रेस अध्यक्ष की ओर से इफ्तार का आयोजन उस वक्त किया जा रहा है जब राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राष्ट्रपति भवन में होने वाली इफ्तार का आयोजन नहीं करने का फैसला किया है. राष्ट्रपति कोविंद की ओर से कहा गया है कि राष्ट्रपति भवन में किसी तरह कोई धार्मिक आयोजन नहीं होगा.


विपक्षी नेता होंगे शामिल


माना जा रहा है कि राहुल की इफ्तार पार्टी में कांग्रेस के नेताओं के अलावा विपक्षी दलों के भी कई नेता शिरकत करेंगे. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राहुल की इफ्तार पार्टी में विपक्ष के कई नेता पहुंचेंगे, जिसमें कर्नाटक के सीएम एचडी कुमारास्वामी, जेडीएस के अध्यक्ष एचडी देवगौड़ा का नाम शामिल है. 


इसके अलावा यूपी के दो बड़े नेता अखिलेश यादव और मायावती के भी पहुंचने की उम्मीद है. कहा जा रहा है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भी कांग्रेस की तरफ से इस पार्टी में आने के लिए कार्ड भेजा जाएगा. इस रोज़ा इफ्तार के ज़रिए कांग्रेस पूरे विपक्ष को भी इकट्ठा करने की तैयारी कर रही है.


राष्ट्रपति भवन में नहीं होगा इफ्तार


एक ओर जहां कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी इफ्तार पार्टी का आयोजन करने जा रहे हैं तो वहीं राष्ट्रपति भवन में इस बार इफ्तार पार्टी का आयोजन नहीं होगा. साथ ही देश के करदाताओं के पैसे से किसी भी धर्म का त्योहार नहीं मनाया जाएगा.


जानकारी के मुताबिक इस कदम से यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि राष्ट्रपति भवन पूरे देश के लिए धर्मनिरपेक्ष भाव रखता है, इसलिए इसमें धर्म विशेष से जुड़े किसी भी आयोजन को मंजूरी नहीं दी जाएगी. फिर चाहे वह इफ्तार पार्टी हो या फिर किसी अन्य धर्म या समुदाय से जुड़ा कोई दूसरा कार्यक्रम.