दुष्कर्म के मामले में फंसा फलहारी बाबा एक बार फिर रविवार को तबीयत खराब होने की बात कहकर अस्पताल पहुंचे. पुलिस सुरक्षा में अस्पताल पहुंचे फलाहारी बाबा की चिकित्सकों की टीम ने चेकअप किए, जिसमें जांच रिपोर्ट नॉर्मल आयी. चिकित्सकों ने फलहारी बाबा को कमजोरी की वजह से तबीयत नासाज रहने का कारण बताया है.


चिकित्सकों की तीन सदस्यीय टीम ने बाबा का मेडिकल फिटनेस चेकअप किया. चिकित्सकों ने बाबा को हरी सब्जियां, ताजा फल और दूध लेने की सलाह दी है. चिकित्सकों का कहना है बाबा का जेल में जाने के बाद लगातार वजन कम हो रहा है. आठ माह में बाबा का वजह करीब 23 किलो कम हो चुका है. फलाहारी बाबा जेल में केवल केले और अन्य फल लेते हैं. इसके अलावा अन्य कुछ भी नहीं खाते. इसकी वजह से शरीर में कमजोरी बनी हुई है.


फलहारी बाबा का वजन फिलहाल 85 किलो के करीब है. जबकि जब जेल में आया था तब वजन 108 किलो के करीब था. पूर्व में फलहारी बाबा बीमारी का नाटक करके अस्पताल में भर्ती रह चुका है. कई बार सरकारी अस्पताल में इलाज करवाने आया था. लेकिन हर बार चिकित्सकों ने उसे फिट घोषित करके वापस भेज दिया.


उल्लेखनीय है कि अलवर के अरावली विहार थाना पुलिस ने फलाहारी बाबा के खिलाफ बिलासपुर की युवती से दुष्कर्म के केस में 15 दिसम्बर 2017 को एसीजेएम कोर्ट में चार्जशीट फाइल कर दी थी. पुलिस ने कोर्ट में 40 पन्नों की चार्जशीट पेश की थी, जिसमें बाबा को दोषी बताया गया है.