पुणे  राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी (राकांपा) प्रमुख शरद पवार ने केंद्र और महाराष्ट्र की भाजपा सरकार पर सांत्वना कार्ड खेलने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिले धमकी भरे पत्रों को प्रसारित करके भाजपा लोगों से सांत्वना पाना चाहती है और इन पत्रों की प्रमाणिकता पर संदेह है। पवार का यह बयान उस समय सामने आया है जब हाल ही में पुणे और मुंबई पुलिस ने पांच लोगों से ऐसे पत्रों के पाए जाने का दावा किया है जिसमें मोदी को मारने की साजिश रची गई है। गिरफ्तार किए गए लोगों का नक्सलियों से कथित संबंध बताया जा रहा है। 

पुलिस का दावा है कि इन पत्रों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राजीव गांधी की तरह मारने की कथित साजिश रची गई है और विद्रोहियों के खिलाफ अभियान शुरू करने के लिए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भी टारगेट किया गया है। रविवार को पुणे में राकांपा प्रमुख ने पार्टी की 19वीं सालगिरह के मौके पर एक सार्वजनिक रैली 'हल्ला बोल' को संबोधित करते हुए कहा कि कुछ प्रगतिशील लोग एक साथ आए और एल्गर परिषद का आयोजन किया। हालांकि सरकार उन्हें नक्सली बताकर गिरफ्तार कर रही है।


पवार ने कहा, 'हर किसी को मालूम है कि भीमा कोरेगांव हिंसा के पीछे कौन था लेकिन जिनका किसी से कोई संबंध नहीं है उन्हें गिरफ्तार किया जा रहा है। इसे शक्तियों का दुरुपयोग करना कहते हैं।' मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में जेल की सजा काट रहे राकांपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व पीडब्ल्यूडी मंत्री छगन भुजबल भी रैली में मौजूद थे। पवार ने कहा कि भाजपा को यह अंदाजा हो गया है कि वह लोगों का समर्थन खो रही है और इसीलिए वह धमकी भरे पत्रों को प्रसारित कर रही है ताकि सांत्वना प्राप्त की जा सके। लेकिन मुझे पूरा विश्वास है कि लोग इस तरह के दांव पेंच में नहीं आएंगे।


पवार ने मोदी को मिले धमकी भरे पत्रों की प्रमाणिकता पर शक जताया। उन्होंने कहा- 'मैंने एक वरिष्ठ सेवानिवृत्त सीआईडी अधिकारी से बात की जिन्होंने मुझे बताया कि यदि इस तरह के पत्र आते हैं तो वह मीडिया में नहीं बल्कि सुरक्षा एजेंसियों के पास जाते हैं और जिसके बाद पर्याप्त सुरक्षा कदम उठाए जाते हैं। पूरे देश में भाजपा का ग्राफ लगातार नीचे गिरता जा रहा है।'


पवार के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए फडणवीस ने ट्वीट कर कहा, 'यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि शरद पवार जी ने पुलिस द्वारा जब्त की गई उस बातचीत पर सवाल उठाए हैं जिसमें माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मारने की साजिश रची गई है। मोदी हमारे देश के नेता हैं ना कि एक राजनीतिक पार्टी के नेता। पवार से इतना नीचे गिरने की उम्मीद नहीं थी। पुलिस के पास सारे सबूत हैं और सच सामने आ जाएगा।'