उपचुनावों में लगातार हार झेल रही बीजेपी के लिए राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनावों के नतीजे काफी अहम साबित होने वाले हैं. इन चुनावों के बाद सीधे 2019 के लोकसभा चुनाव हैं और साल 2013 में इन तीनों ही राज्यों में बीजेपी ने जीत दर्ज की थी. राजस्थान की बात करें तो 200 विधानसभा सीटों वाले इस राज्य में 163 सीटें जीतकर सबको हैरान कर दिया था और कांग्रेस सिर्फ 21 सीटों पर सिमट कर रह गई थी. इस हार के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने युवा नेता सचिन पायलट को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर उनपर भरोसा दिखाया. सचिन पायलट ने NEWS18 Hindi से ख़ास बातचीत में विधानसभा चुनावों की तैयारी, प्रणव मुखर्जी और सलमान खुर्शीद विवाद, किसानों की समस्या और अशोक गहलोत से उनकी कथित दूरियों पर खुलकर बात की....


प्रणब मुखर्जी के RSS कार्यक्रम में जाने पर बवाल क्यों

पूर्व राष्ट्रपति और सीनियर कांग्रेस नेता रहे प्रणब मुखर्जी के RSS के कार्यक्रम में जाने के फैसले पर उनकी बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी समेत कई कांग्रेस नेताओं ने आपत्ति दर्ज की थी. क्या कांग्रेस को प्रणब पर भरोसा नहीं था इस सवाल के जवाब में सचिन ने कहा कि उनके जाने न जाने से महत्वपूर्ण बात ये है कि उन्होंने उस मंच से क्या संदेश दिया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस लोकतान्त्रिक पार्टी है और यहां नेताओं को विरोध दर्ज कराने का पूरा अधिकार है. सचिन के मुताबिक, प्रणब दा ने RSS के मंच से ही ख़ास विचारधारा से ताल्लुक रखने वाले लोगों को आइना दिखा दिया. कांग्रेसी नेता सलमान खुर्शीद के विवादित बयान- 'कांग्रेस के हाथ भी मुसलमानों के खून से रंगे हैं' से जुड़े सवाल के जवाब में सचिन ने कहा कि वो इस बयान से इत्तेफाक नहीं रखते, ये सलमान के निजी विचार हो सकते हैं.


राजस्थान में गठबंधन की ज़रूरत नहींराजस्थान विधानसभा चुनावों के लिए बहुजन समाज पार्टी (बसपा) से गठबंधन के सवाल पर सचिन ने साफ़ कर दिया कि फिलहाल ऐसी किसी तरह की चर्चा नहीं हुई है. उन्होंने आगे कहा कि राज्य में कांग्रेस काफी मजबूत है, हम 200 सीटों पर चुनाव लड़ने में सक्षम हैं और ऐसे किसी गठबंधन की कोई ज़रूरत दिखाई नहीं देती.


हालांकि उन्होंने माना कि मध्य प्रदेश में गठबंधन को लेकर चर्चा हुई है, लेकिन अभी कुछ फाइनल नहीं हुआ है. सपा प्रमुख अखिलेश, बसपा चीफ मायावती, जिग्नेश मेवाणी और हार्दिक पटेल के राजस्थान में कांग्रेस के लिए प्रचार करने के सवाल पर सचिन ने कहा कि ऐसी कोई बातचीत नहीं हुई है, लेकिन कोई भी बीजेपी के खिलाफ लड़ाई में साथ आना चाहता है तो उन्हें कोई दिक्कत नहीं है.


21 सीटों से बहुमत तक कैसे पहुचेंगे?

2013 के विधानसभा चुनावों में 21 सीटों पर सिमट गई कांग्रेस को बहुमत के लिए तीन गुना से ज्यादा सीटें और जीतनी होंगी. कांग्रेस ये कैसे कर पाएगी इस सवाल के जवाब में सचिन ने कहा कि अब राज्य ही नहीं देश की जनता भी समझ गई है और 2014 जैसा माहौल नहीं रह गया है. जनता ने राजस्थान में बीजेपी को एक बड़े मैंडेट के साथ भेजा था, लेकिन बीते चार सालों में ये सरकार हर मोर्चे पर नाकाम रही है. किसान कर्जमाफी हो या रोज़गार देना, सरकार ने कोई वादा पूरा नहीं किया जिससे जनता में काफी नाराज़गी है. सचिन ने आगे कहा कि साल 2014 के बाद से देश में 22 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव हुए हैं, जिनमें से 20 पर बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा है. गोरखपुर-फूलपुर और कैराना की हार ने भी स्थिति और स्पष्ट कर दी है.

क्या जनता के पास ऑप्शन नहीं?

1998 के बाद से ही राजस्थान में एक बार कांग्रेस तो एक बार बीजेपी की सरकार आ रही है. क्या जनता के पास ऑप्शन नहीं है? इस सवाल के जवाब में सचिन ने कहा कि इस बार वो चुनाव जीतेंगे और 2023 में फिर से जीत दर्ज कर इस परंपरा को तोड़ देंगे. उन्होंने साफ़ कहा कि पिछली सरकारों ने क्या किया इस पर बात करने की जगह आगे क्या करना है इस बारे में सोचा जाना चाहिए.


किसान आंदोलन में कांग्रेस कहां?

देश के किसान संगठनों ने बीती एक जून से 'गांव बंद' आंदोलन छेड़ा हुआ है, लेकिन कांग्रेस किसानों के मुद्दे पर अब भी अग्रेसिव मोड में सरकार को क्यों नहीं घेर रही है? इस सवाल पर सचिन कहते हैं कि किसानों को और उनके इस आंदोलन को कांग्रेस का पूरा सपोर्ट है. कांग्रेस मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं करना चाहती इसलिए किसान संगठनों ने ही इसकी ज़िम्मेदारी ली हुई है. कांग्रेस नहीं चाहती की बीजेपी को हमारा नाम लेकर किसान समस्या से मुंह चुराने का मौका मिल जाए.

अनुशासनहीनता से कैसे निपटेंगे ?

राजस्थान प्रदेश में टिकट की मारामारी और अनुशासनहीनता की घटनाओं पर सचिन ने कहा कि मैं इसे काफी पॉजिटिवली ले रहा हूं. टिकट की मारामारी इसलिए हो रही है, क्योंकि लोगों को पता है कि कांग्रेस जीतकर आने वाली है. आप बीजेपी को देखिए उन्हें एक प्रदेश अध्यक्ष नहीं मिल पा रहा है. हालांकि सचिन ने कहा कि अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी इसलिए कुछ लोगों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई है.


कौन होगा सीएम?

सचिन ने स्पष्ट कर दिया कि भले ही वो प्रदेश अध्यक्ष हों, लेकिन राजस्थान में जीत के बाद पार्टी हाईकमान ही तय करेगा कि कौन सीएम बनेगा. उन्होंने कहा कि अभी इस बारे में सोचना फिजूल है और पार्टी का हर छोटा-बड़ा नेता जीत के लिए काम करने में व्यस्त है. सचिन ने कहा कि पार्टी ने जो भी जिम्मेदारी उन्हें दी है उन्होंने निभाई है, अब भी कोई जिम्मेदारी दी जाएगी तो वो ज़रूर निभाएंगे.


अशोक गहलोत से मनमुटाव?

सचिन ने इसे बीजेपी की तरफ से फैलाई जाने वाली अफवाह बताया और कहा कि उनके बीते 20 सालों से सीनियर लीडर अशोक गहलोत से काफी अच्छे संबंध हैं. उन्होंने कहा कि जब भी बीजेपी से कोई जवाब मांगा जाता है तो वो ये कहने लगते हैं कि देखो कांग्रेस में 4 गुट हैं.

2019 का गठबंधन

सचिन का कहना है कि कांग्रेस ही वो इकलौती पार्टी है जो राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहुंच रखती है. उन्होंने ये तो कहा कि रेनबो कॉलिशन ज़रूर बनेगा और सभी साथी पार्टियां इसका हिस्सा होंगी. हालांकि सचिन ने ये साफ़ कहा कि राहुल ही इस गठबंधन के नेता होंगे उन्हें इसका भरोसा है.


राजस्थान कब आएंगे राहुल?

सचिन ने बताया कि राहुल कई बार राजस्थान आए हैं और लगातार चुनावी तैयारियों को लेकर उनसे बातचीत होती रहती है. हालांकि उन्होंने बताया कि राजस्थान चुनावों के मद्देनज़र जुलाई से राहुल की जनसभाएं और रैलियां शुरू होंगी.


ट्रोल आर्मी का क्या?

बीते दिनों अशोक गहलोत के सन्दर्भ से काटकर वायरल कराए गए वीडियो और राहुल गांधी को निशाना बनाने वाले ट्रोल्स के बारे में सचिन ने कहा कि काठ की हांड़ी बार-बार नहीं चढ़ती. राहुल को लेकर जो भी झूठी बातें फैलाई जा रहीं थीं, उनमें से ज्यादातर का सच सामने आ चुका है. बीजेपी ट्रोल्स जनता को किता बेफकूफ समझें लेकिन जनता अब समझने लगी है और जब वो वोट डालने के लिए बटन दबाएगी तो सब साफ़ हो जाएगा.