नई दिल्ली। विदेशी पर्यटकों द्वारा देश के अंदर की गई शॉपिंग पर लगा वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) उनकी वापसी के वक्त एयरपोर्ट पर रिफंड कर दिए जाने की योजना पर काम चल रहा है। एक अधिकारी ने कहा कि राजस्व विभाग विदेशी पर्यटकों से वसूला गया जीएसटी उन्हें वापस लौटाने के लिए तंत्र विकसित करने पर काम कर रहा है। अधिकारी के मुताबिक शुरुआत में उन्हीं पर्यटकों का जीएसटी रिफंड किया जाएगा, जिन्होंने चुनिंदा बड़े रिटेलर्स के शॉप से खरीदारी की होगी।

अधिकारी ने कहा कि विभाग पर्यटकों को जीएसटी रिफंड देने के लिए तंत्र विकसित करने की प्रक्रिया में है। गौरतलब है कि विदेशी पर्यटकों को रिफंड देने संबंधी धाराएं जीएसटी कानून में पहले से मौजूद हैं। लेकिन वे अभी परिचालन में नहीं लाए गए हैं। अधिकारी के मुताबिक विभाग यह सुनिश्चित कर लेना चाहता है कि पर्यटक नकली बिल के आधार पर जीएसटी क्लेम नहीं करें। कानून के मुताबिक पर्यटक उन गैर-भारतीयों को माना जाता है जो अधिकतम छह महीने की अवधि के लिए भारत में गैर-आव्रजन उद्देश्यों से निवास के लिए आते हैं।


एएमआरजी एंड एसोसिएट्स के पार्टनर रजत मोहन ने कहा कि जीएसटी रिफंड देना पर्यटन को बढ़ावा देने के सबसे सस्ते मार्केटिंग प्रयासों में एक है। मोहन ने कहा, "अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सिंगापुर और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में पर्यटकों को जीएसटी रिफंड देने के बेहतरीन तंत्र उपलब्ध हैं। उन्होंने कराधान की सभी व्यवस्थाओं को इस तरह एक मंच के तहत ला रखा है कि पर्यटकों को रिफंड लेने में कोई परेशानी नहीं होती है।" गौरतलब है कि ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी, फ्रांस, सिंगापुर, जापान, मलेशिया, ब्रिटेन और स्विट्जरलैंड जैसे देशों में विदेशी पर्यटकों द्वारा एक निश्चित सीमा के ऊपर की गई खरीदारी पर लगाया गया मूल्य संवर्धित कर (वैट) या जीएसटी वापस कर दिए जाने का प्रावधान है।