राज्य संपत्ति विभाग ने पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के खाली किए गए बंगले में हुई तोड़फोड़ की घटना के बाद सभी मुख्यमंत्रियों के बंगले की जांच करवाएगा. विभाग ने इन बंगलों के सामानों की सूची बनानी शुरू कर दी है. इनका मिलान सरकारी रिकॉर्ड से किया जाएगा. गड़बड़ी पाए जाने के बाद सभी आवंटियों को नोटिस भेजा जाएगा.

दरअसल अखिलेश यादव के 4 विक्रमादित्य मार्ग स्थित सरकार बंगले में जमकर तोड़फोड़ के बाद विभाग ने अन्य बंगलों की भी जांच करवाने के निर्देश दिए हैं. इनमे मुलायम सिंह, राजनाथ सिंह, कल्याण सिंह और मायावती के बंगले शामिल हैं. इन सभी ने अपने आवास की चाबियां राज्य संपत्ति विभाग को सौंप दी है. पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी ने अभी तक अपना आवास खाली नहीं किया है.

राज्य संपत्ति विभाग के अधिकारी योगेश शुक्ला ने बताया कि सभी खाली किये गए बंगलों रिकार्ड से मिलान करवाया जाएगा. सभी निर्माण व सामान आदि का ब्योरा विभाग के पास मौजूद है. यदि यह तथ्य प्रकाश में आया कि तोड़फोड़ जानबुझकर की गई है और सरकारी संपत्ति को नुक्सान पहुंचाया गया है तो नोटिस और रिकवरी की कार्रवाई की जाएगी.
दरअसल, शनिवार को राज्य संपत्ति विभाग के अधिकारी बंगले के अंदर की तस्वीर देखकर हैरान रह गए. इस भव्य और आलीशान बंगले में कई ब्लॉक थे. करीब पचीस कमरे, बड़ी रसोई, जिम के आलावा एक भव्य वेटिंग रूम बनाया गया था. अखिलेश यादव का दफ्तर भी था. सिक्योरिटी गार्ड्स के लिए एक ब्लॉक था. वायरिंग, फॉल्स सीलिंग, एयरकंडीशन और बाथरूम तक कई जगह टाइल्स भी उखड़ी हुई हैं.

बता दें कि कोर्ट के आदेश के बाद 5 जून को अखिलेश यादव ने अपना सरकारी बंगला खाली कर दिया था. इस बंगले की सजावट में करोड़ों रुपया खर्च किया गया था साथ ही इसमें सुख सुविधाओं का हर इंतजाम किया गया था. अब अखिलेश यादव पर आरोप लग रहा है कि उन्होंने बंगला खाली करते वक्त इसे बुरी तरह से उजाड़ दिया गया है.