लखनऊ। लोकसभा के अगले चुनाव में उत्तर प्रदेश में महागठबंधन की खुली पैरवी कर रहे समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि वह बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के लिये कुछ सीटें कुर्बान कर सकते हैं। 

 


अखिलेश ने कल मैनपुरी में आयोजित एक जनसभा में कहा ''समाजवादियों का दिल बड़ा है। अगर हमें बसपा के लिये कुछ सीटें कुर्बान भी करनी पड़ीं तो समाजवादी लोग हिचकेंगे नहीं। अब भाजपा को चिंता है कि हम इस काम को कैसे करेंगे। हम अपने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ इस काम को करेंगे, जो उनके (बसपा कार्यकर्ताओं) साथ खड़े रहेंगे और उन्हें सहयोग करेंगे।''

 


ज्ञातव्य है कि प्रदेश की भाजपा सरकार के मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने कल दावा किया था कि सपा और बसपा की दोस्ती ज्यादा नहीं चलेगी और वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले ही इसका अंत हो जाएगा। अखिलेश ने हाल में कहा था कि सीटों के बंटवारे पर उचित समय पर बात की जाएगी। अभी इस बारे में कोई बातचीत नहीं हो रही है।

 


मालूम हो कि बसपा ने मार्च में हुए गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा के उपचुनाव में सपा को समर्थन दिया था और सपा दोनों ही सीटें जीत गयी थी। उसके बाद से दोनों दल करीब आये और यह सिलसिला राज्यसभा और विधान परिषद के पिछले चुनावों में भी जारी रहा। तब से सपा अध्यक्ष अखिलेश विभिन्न मौकों पर बसपा का धन्यवाद देते नजर आ रहे हैं और लम्बा साथ निभाने का विश्वास व्यक्त कर रहे हैं।

 


हालांकि, पिछले दिनों कैराना लोकसभा और नूरपुर विधानसभा के उपचुनावों में बसपा ने सपा के पक्ष में कोई खुली अपील जारी नहीं की थी। हालांकि अखिलेश ने विश्वास व्यक्त किया था कि उन्हें बसपा का भी समर्थन मिला है। सपा और बसपा की इस दोस्ती पर सत्तारूढ़ भाजपा का रुख काफी तल्ख है। उसके नेता लगातार कह रहे हैं कि 'अवसरवादी गठबंधन' का नेता कौन होगा। उनका यह भी कहना है कि यह गठजोड़ ज्यादा दिनो तक नहीं चलेगा।