रियाद। सऊदी अरब समेत तीन खाड़ी देश जॉर्डन की आर्थिक स्थिति को पटरी पर लाने के लिए 250 करोड़ डॉलर (करीब 17 हजार करोड़ रुपये) की मदद देंगे। अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए हाल में जॉर्डन सरकार ने टैक्स बढ़ाने का एलान किया था। इसके विरोध में देश की जनता ने व्यापक आंदोलन छेड़ दिया जिसकी वजह से प्रधानमंत्री को इस्तीफा देना पड़ा था।


अमेरिका के इस सहयोगी देश की अर्थव्यवस्था बदहाल चल रही है। जॉर्डन को सहारा देने के लिए सऊदी अरब, कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) आगे आए हैं। जॉर्डन को यह राहत पैकेज अगले पांच वर्ष के दौरान दिया जाएगा। वर्ष 2011 में भी खाड़ी देशों के संगठन "गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल" (जीसीसी) ने जॉर्डन की ऐसे ही मदद की थी।


सोमवार सुबह जॉर्डन के शाह अब्दुल्ला द्वितीय, सऊदी शाह सलमान, कुवैत के शासक अमीर शेख सबा अल-अहमद अल-सबा, दुबई के शासक शेख मुहम्मद अल-मकतूम और यूएई के प्रधानमंत्री की बैठक के बाद राहत पैकेज की घोषणा की गई। अब्दुल्ला ने उम्मीद जताई कि इससे देश को राजकोषीय संकट से उबरने में मदद मिलेगी। अमेरिका भी जॉर्डन को हर साल सौ करोड़ डॉलर (करीब 6700 करोड़ रुपये) की मदद करता है।