कश्मीर जिसे भारत का स्वर्ग कहा जाता है। यहां आपमें से बहुत से लोग आ चुके होंगे और जम्मू कश्मीर के प्रसिद्ध तीर्थ वैष्णो देवी एवं अमरनाथ की यात्रा भी कर चुके होंगे। इस साल भी अमरनाथ यात्रा 28 जून से शुरू हो रही है। अगर आप किसी कारण से अमरनाथ नहीं जा रहे हैं और जम्मू कश्मीर की खूबसूरत वादियों के साथ तीर्थयात्रा का लाभ भी लेना चाहते हैं तो हम आपको बताते हैं कि जम्मू कश्मीर में आप वैष्णोदेवी और अमरनाथ के अलावा किन-किन तीर्थस्थलों के दर्शन कर सकते हैं।

शिवखोड़ी

यह मंदिर प्राकृतिक रूप से बने शिवलिंग के लिए जाना जाता है। शिवखोड़ी की गुफा कुदरत का एक अजूबा है। इस गुफा की खास बात यह है कि इसका दाहिना हिस्सा बहुत संकरा है। दूर से देखने पर लगता है, गुफा के और आगे जाना असंभव है लेकिन गुफा के अंदर जाते ही एक मैदान दिखाई देने लगता है, जिसमें सैकड़ों लोग खड़े हो सकते हैं। जम्मू से शिवखोड़ी तक का रास्ता प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है।

शंकराचार्य मंदिर

पहाड़ों में बसा शंकराचार्य मंदिर, कश्मीर में सबसे पुराने मंदिरों में से एक है, इसे तख्त-ए-सुलेमन के नाम से भी जाना जाता है। 371ई. पूर्व में इस मंदिर का निर्माण राजा गोपादित्य ने करवाया था। इस मंदिर की वास्तुकला आपका मन मोह लेगी। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। ऊंचाई पर होने के कारण यहां से आप श्रीनगर और डल झील का बेहद खूबसूरत नजारा देख सकते हैं।

शीतलेश्वर मंदिर

शीतलेश्वर मंदिर 2000 साल पुराना है। जर्जर अवस्था में पहुंच चुके इस मंदिर को कश्मीरी पंडितों के एक संगठन ने स्थानीय मुस्लिम आबादी के सहयोग से फिर से आबाद किया। यहां का नजारा आपके लिए नया साबित होगा क्योंकि यह स्थान कश्मीर के सबसे सुंदर स्थानों में से एक माना जाता है।

खीर भवानी मंदिर

खीर भवानी मंदिर का निर्माण महाराजा प्रताप सिंह ने करवाया था। यह मंदिर कश्मीरी पंडितों की आरध्य माता महारज्ञा देवी को समर्पित है। माना जाता है कि भगवान राम ने अपने निर्वासन के समय इस मंदिर का इस्तेमाल पूजा की जगह के रूप में किया था। इस मंदिर में केवल खीर और दूध ही चढ़ाया जाता है। इस मंदिर के चारों ओर चिनार के पेड़ और नदियों की धारएं बहती रहती हैं, जो पर्यटकों अपनी ओर आकर्षित करती हैं।

मार्तण्ड सूर्य मंदिर

7वीं, 8वीं शताब्दी में बना यह मंदिर सूर्य भगवान को समर्पित है। अनंतनाग के पास बने इस मंदिर में 84 स्तंभ हैं, जो नियमित अंतराल पर रखे गए हैं। यह मंदिर विश्व के सुंदर मंदिरों की श्रेणी में भी अपना स्थान बनाए हुए है। बर्फ से ढंके हुए पहाड़ों में स्थित यह मंदिर इस स्थान का करिश्मा ही कहा जाएगा। इस मंदिर से आप कश्मीर घाटी का मनोरम दृश्य आसानी से देख सकते हैं।

रणवीरेश्वर मंदिर

रणवीरेश्वर मंदिर की ऊंचाई के आगे सारी इमारतें छोटी दिखाई पड़ती हैं। महाराजा रणवीर सिंह ने इस मंदिर का निर्माण 1883 में करवाया था। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है तथा पत्थर की पट्टी पर बने प्रस्तर के शिवलिंगों के कारण प्रसिद्ध है। यहां 12 क्रिस्टल के शिवलिंग भी मौजूद हैं। यहां की प्राकृतिक सुंदरता लोगों को अपनी तरफ आकर्षित करती है।