इंदौर। चिड़ियाघर से एक अच्छी और एक बुरी खबर आई। रात में बाघिन जमना के 23 दिन के शावक की फेफड़ों में दूध भरने से मौत हो गई। उसे बॉटल से दूध पिलाया जा रहा था।


जमना ने 17 मई को दो शावकों को जन्म दिया था, लेकिन उन्हें वह स्वीकार नहीं कर रही थी। उसने दो दिन तक शावकों को दूध नहीं पिलाया और उन पर मिट्टी डाल दी थी। इस दौरान शावकों के मुंह पर नाखून से चोटें भी आई थीं। आखिर जू प्रबंधन ने देखरेख और इलाज के लिए शावकों को चिड़ियाघर स्थित हॉस्पिटल में रख लिया था। तब दोनों शावक स्वस्थ हो गए। चिड़ियाघर प्रभारी डॉ. उत्तम यादव ने एक शावक की मौत की पुष्टि की है।


घड़ियाल के परिवार में आए 50 से ज्यादा नन्हे मेहमान -


उधर, चिड़ियाघर में 50 से ज्यादा घड़ियालों की आमद हुई। यहां मादा घड़ियाल ने कुछ समय पहले अंडे दिए थे। इनमें से सोमवार को बच्चे निकल आए। अभी ये बड़े घड़ियालों के साथ उनके कुंड में हैं। एक-दो दिन में यहां की नर्सरी में शिफ्ट किया जाएगा। अब जू में घड़ियालों की संख्या 80 से ज्यादा हो गई।