बिलासपुर। रेल कर्मचारियों को जल्द ही पेपरलैश मेडिकल कार्ड जारी किया जाएगा। एटीएम के समान इस प्लास्टिक कार्ड में भी चिप होगा। इससे कर्मचारी देश के किसी भी रेलवे अस्पताल में अपना उपचार करा सकते हैं। इसके लिए पूरे देश के लिए एक यूनिक कोड रहेगा। वहीं कर्मचारी के आश्रित परिवार के प्रत्येक सदस्य के लिए अलग-अलग कार्ड जारी होंगे।


रेलवे बोर्ड में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक को कार्यरत व सेवानिवृत्त रेल कर्मचारियों के पेपरलैश मेडिकल कार्ड बनाने के निर्देश जारी किए गए हैं। एटीएम, डेविड, क्रेडिट कार्ड के समान बनने वाले नए मेडिकल कार्ड का यूनिक कोड होगा। इसके अलावा चिप लगा रहेगा। इस चिप में कर्मचारी का डाटा होगा।


मसलन, कर्मचारी का नाम, एम्प्लाई कोड समेत अन्य जानकारी दर्शायी जाएगी। इसके अलावा कर्मचारी के आश्रितों का अलग कार्ड होगा। यूनिक कोड होने के कारण कार्डधारक देश के किसी भी रेलवे अस्पताल में अपना उपचार करा सकते हैं। कार्ड में एक्सपायरी डेट होगा। साथ ही एक निश्चित अवधि तक के लिए यह वैध होगा।


इसके बाद कार्ड का नवनीकरण कराना होगा। वर्तमान में कर्मचारियों को पेपर में उनका मेडिकल कार्ड बनाकर दिया जाता है। इसमें कर्मचारियों के आश्रितों के भी नाम होते हैं। पेपर होने के कारण कर्मचारी इसे जेब में रख नहीं सकते हैं। वहीं छोटा सा प्लास्टिक कार्ड होने के कारण कर्मचारी 24 घंटे इसे रख सकते हैं। बोर्ड ने इस कार्य को इस माह के अंत तक पूरा करने के निर्देश दिए हैं।


सेवानिवृत्त व कार्यरत कर्मचारियों के होंगे अलग-अलग कार्ड


कार्ड में कार्यरत तथा सेवानिवृत्त कर्मचारी की पहचान के लिए अलग-अलग रंग का कार्ड जारी करने का प्रावधान तय किया है। रंग से ही पहचान होगी कि धारक सेवानिवृत्त है या कार्यरत। इसी प्रकार आश्रितों के कार्ड में भी कुछ अलग पहचान दी जाएगी। इसमें धारक की जन्मतिथि, पता, अस्पताल यूनिट, रक्त ग्रुप की जानकारी होगी।