जोधपुर शहर में फायरिंग व रंगदारी के आरोप में जोधुपर सेंट्रल जेल में बंद विक्रमजीतसिंह उर्फ विक्का की आवाज का नमूना लेने के हाईकोर्ट आदेश के खिलाफ पेश की गई अर्जी को अधीनस्थ न्यायालय ने खारिज कर दिया. अधीनस्थ न्यायालय ने विक्का को आवाज का नमूना देने का आदेश दिया, लेकिन उसने कोर्ट को आवाज का नमूना देने से स्पष्ट इनकार कर दिया. इस पर जयपुर से आई विधि विज्ञान प्रयोगशाला की विशेषज्ञों की टीम को बैरंग लौटना पड़ा.


अंतरराज्य गिरोह के सरगना लॉरेंस के गुर्गे विक्रमजीत सिंह उर्फ विक्का की आवाज का नमूना लेने के लिए जोधपुर पुलिस ने हाईकोर्ट में एक याचिका पेश की थी. जोधपुर पुलिस कमिश्नर अशोक राठौड़ ने खुद पैरवी करते हुए कोर्ट को एक लघु फिल्म दिखाकर यह विश्वास दिलाया कि आवाज का नमूना ऐसे मामले में अंजाम तक पहुंचाने के लिए कितना जरूरी है. इस पर हाईकोर्ट जस्टिस विजय विश्नोई की कोर्ट ने विक्का की आवाज का नमूना लेने की अनुमति जोधपुर पुलिस को दी थी. इसके साथ ही पुलिस को निर्देश दिए कि वह अधीनस्थ न्यायालय में अर्जी पेश कर आवाज का नमूना रिकॉर्ड करे.


इस पर पुलिस ने एडीजी-6 बन्नालाल जाट की कोर्ट में अर्जी पेश कर विक्का की आवाज का नमूना लेने की गुहार की. विक्का ने ADJ कोर्ट में अर्जी पेश कर बताया कि उसने सुप्रीम कोर्ट में हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ याचिका दायर की है. अवकाश के बाद उसकी सुनवाई होगी. लिहाजा उसके बाद ही उसकी आवाज रिकॉर्ड की जाए.


मंगलवार को कोर्ट ने विक्का की अर्जी पर दोनों पक्षों की बहस को सुना. उसके बाद कोर्ट ने विक्का को आदेश दिया कि वह जयपुर से आई विधि विज्ञान प्रयोगशाला की टीम को आवाज का नमूना दे. लेकिन विक्का ने लिखित और मौखिक रूप से आवाज का नमूना देने से स्पष्ट इंकार कर दिया. मामले पर 28 जून को फिर सुनवाई होगी. लोक अभियोजक अधिकारी शंकरलाल सिनावड़िया ने पुलिस से अनुशंसा की है कि वह विक्का के खिलाफ हाईकोर्ट में अवमानना याचिका पेश करे.