तय समय से पहले देश में एंट्री करने वाला मानसून अब कमजोर पड़ गया है. मानसून के अगले एक सप्ताह तक सुस्त रहने की आंशकाओं के चलते प्रदेश में भी इसके देरी से पहुंचने की संभावनाएं बढ़ गई है.


तय समय से दो दिन पहले केरल से प्रवेश करने वाले मानसून ने अब तक पूरे दक्षिणी भारत को राहत की बूंदों से भिगो दिया है. दक्षिण भारत के केरल, कर्नाटक, आंध्रप्रदेश और तमीलनाडु में अब तक अच्छी बारिश हो चुकी है. मानसून फिलहाल मराठवाड़ा, विदर्भ, छत्तीसगढ, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा और आसाम से गुजर रहा है. लेकिन महाराष्ट्र के कई हिस्सों में जोरदार बारिश करने के बाद अब मानसून कमजोर पड़ चुका है. इसके कारण से मानसून की रफ्तार धीमी होने लगी है. ऐसे में उत्तर-पश्चिम भारत में मानसून के जल्द सक्रिय होने की उम्मीदें कम हो गई है.


मौसम विभाग के अनुसार कमजोर मानसून के अगले एक सप्ताह तक सक्रिय होने की उम्मीदें कम हैं. हालांकि जहां मानसून पहुंच चुका हैं वहां बारिश का दौर जारी रहेगा. कमजोर पड़ने से मानसून के प्रदेश तक पहुंचने में भी देरी हो सकती है. सामान्यतया 15 जून से लेकर 25 जून के बीच मानसून प्रदेश में प्रवेश करता है. लेकिन महाराष्ट्र में मानसून के कमजोर पड़ने और अगले एक सप्ताह तक सुस्त रहने की आंशकाओं के कारण प्रदेश में भी देरी से पहुंचने की संभावनाएं ज्यादा है.


इस बीच प्रदेश में प्री-मानसून की गतिविधियों भी कमजोर पड़ने की आंशका हैं. इसके कारण प्रदेश के कई हिस्सों में पारे में फिर से बढ़ोतरी हो सकती है. हालांकि मौसम विभाग को यह उम्मीद है की जल्द ही कोई सिस्टम बनेगा और सुस्त मानसून फिर से सक्रिय होगा.