आध्यात्मिक गुरू भय्यू जी महाराज ने इंदौर स्थित अपने घर में लाइसेंसी रिवॉल्वर से गोली मारकर आत्महत्या कर ली. पुलिस को उनके कमरे से सुसाइड नोट मिला है. इसमें उनके परिवार को लेकर तनाव के कारण आत्महत्या करने की बात लिखी है. बताया जा रहा है कि उनकी दूसरी पत्नी आयुषी और बेटी कुहू में जमकर विवाद चल रहा था. भय्यू जी ने अचानक आत्महत्या का कदम कैसे उठा लिया और उनकी मौत के ठीक पहले क्या कुछ हुआ...

भय्यू जी महाराज ने इंदौर में अपने सिल्वर स्प्रिंग (फेज-1) स्थित मकान नं. 1 में दोपहर करीब 12:30 बजे से 1.30 बजे के बीच आत्महत्या कर ली. उनके नौकरों ने बताया कि भय्यू महाराज अचानक अपने कमरे से निकले और बेटी कुहू के कमरे में चले गए.

कमरे में जाने के बाद उन्होंने नौकरों को फटकारा और कहा कि अभी तक कुहू के कमरे की बेडशीट क्यों नहीं बदली गई है. इसके बाद कर्मचारियों ने कुहू का बेडरूम व्यवस्थित कि

इसके बाद उन्होंने अपने कर्मचारी शेखर को बुलाया और मोबाइल पर लोगों के आए फोन के बारे में पूछा. उन्होंने शेखर को कहा कि मैं अभी किसी से भी बात नहीं करूंगा. थोड़ी देर बाद फोन लाना और मुझे अभी कोई डिस्टर्ब मत करना.

शेखर फोन लेकर नीचे चला गया और इसके ठीक 10 मिनट बाद धमाके की आवाज सुनाई दी. कर्मचारियों को लगा कि आंधी की वजह से घर का कुछ सामान गिरा होगा. उन्होंने इस आवाज को नजरअंदाज कर दिया.

इसके कुछ देर बाद उनकी पत्नी डॉ. आयुषी घर पहुंचीं. वो भय्यू जी महाराज को घर में ढूंढ रही थी, तभी उनके कर्मचारियों ने बताया कि महाराज कुहू बिटिया के कमरे में है. जब आयुषी कुहू के कमरे में पहुंची तो दरवाजा अंदर से बंद मिला तो कर्मचारियों को आवाज लगाई.

कर्मचारी विनायक, योगेश व अन्य लोग दौड़कर आए और दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया. काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने व जवाब नहीं मिलने पर शक गहराया. उन्होंने दरवाजा तोड़ा, जैसे ही वो अंदर घुसे तो भय्यू महाराज को खून से लथपथ देख उनके होश उड़ गए.

बेटी कुहू के कमरे में रखे बींस बैग पर उनका शव पड़ा हुआ था. उन्होंने दाईं कनपटी पर रिवॉल्वर अड़ाकर गोली मार ली थी. परिजन ने देखा शव के पास रिवॉल्वर पड़ी हुई है. सभी उनको तुरंत बॉम्बे हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया.