बेंगलुरु इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर केविन पीटरसन ने मंगलवार को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अवॉर्ड फंक्शन के दौरान मंसूर अली खान पटौदी मेमोरियल लेक्चर दिया। भारत भले ही डे-नाइट टेस्ट खेलने को लेकर सहज नहीं हो, लेकिन पीटरसन ने कहा कि क्रिकेट के इस पारंपरिक फॉरमैट को बचाने का इकलौता यही तरीका है।

एमएके पटौदी मेमोरियल लेक्चर देने वाले पहले विदेशी खिलाड़ी पीटरसन ने कहा, 'अगर हम चाहते हैं कि क्रिकेटर टेस्ट क्रिकेट खेले तो हमें उन्हें अच्छे पैसे देने होंगे। हम उन्हें कैसे दें। इसके लिए टेस्ट क्रिकेट में बदलाव की जरूरत हैं। पांचों दिन रोमांच हो।' उन्होंने कहा, 'डे-नाइट के मैचों ने दिखाया है कि कैसे उतार-चढ़ाव आ सकते हैं । आईपीएल उस समय नहीं खेला जाता जब उसके फैन्स काम पर रहते हैं। टेस्ट क्रिकेट में भी ऐसा ही होना चाहिए।' उन्होंने कहा कि टेस्ट क्रिकेट की मार्केटिंग बेहद जरूरी है।


क्रोनिए को इसलिए पीटरसन ने किया याद


मैच फिक्सिंग को लेकर भी पीटरसन ने कुछ बातें कहीं, जो आपको इमोशनल कर सकती है। मैच फिक्सिंग ने दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान हैंसी क्रोनिए की जिंदगी तहस-नहस कर दी और उनकी मौत भी एक अनसुलझी गुत्थी रही लेकिन क्रोनिए को पीटरसन ने एमएके पटौदी मेमोरियल लेक्चर में दिग्गजों की श्रेणी में रखा।


पीटरसन ने कहा, 'सचिन तेंदुलकर, शेन वॉर्न, मैल्कम मार्शल, स्टीव वॉ, रिचर्ड हैडली, कपिल देव टेस्ट के महान खिलाड़ी। लेकिन विवादास्पद दिवंगत हैंसी क्रोनिए भी महान थे।' क्रोनिए ने 2000 में स्वीकार किया था कि कुछ और खिलाड़ियों के साथ मिलकर उन्होंने मैच फिक्स करने के लिए पैसा लिया था । दो साल बाद उनकी विमान दुर्घटना में मौत हो गई लेकिन आज तक अटकलें लगाई जाती है कि दक्षिण अफ्रीका में सटोरियों के गिरोह ने उनकी हत्या कराई है ताकि आगे वो कोई और खुलासा नहीं कर सकें।


'टेस्ट क्रिकेट बहुत खास'


भारत के पूर्व कप्तान मंसूर अली खान पटौदी की याद में होने वाले इस लेक्चर में संबोधित करने वाले पहले विदेशी खिलाड़ी पीटरसन ने कहा कि सीमित ओवरों के क्रिकेट की बजाय सफेद जर्सी में खेलने के दौरान अनमोल यादें बनती हैं। उन्होंने कहा, 'हर खिलाड़ी कई वनडे मैच खेलता है लेकिन जब हम उनकी असाधारण उपलब्धियों की बात करते हैं तो टेस्ट क्रिकेट का प्रदर्शन ही ध्यान में आता है।'