पचोर। रेलवे स्टेशन पर पार्किंग के नाम पर चल रही रंगदारी अब नही वसूली जा सकेगी, डीआरएम के निर्देश के बाद पत्रकार माखन विजयवर्गीय ने अनशन खोला।
पचोर रोड़ एक छोटा सा स्टेशन है, यहां तीन एक्सप्रेस एवं एक पेसेंजर का स्टापेज है। रेलवे विभाग ने पचोर के कुछ रेल पेरवी करने वालों के चक्कर में पार्किंग निर्धारित कर दी, जिसका ठेका 3500रुपए माह और जीएसटी 620 रुपए कुल 4120 रुपए माह में 12 बाय 12 मीटर में तारफेंसिग कर निर्धारित स्थान के लिए किया गया। लेकिन ठेकेदार द्वारा पार्किंग शुल्क के नाम पर  सवारी ड्राप करने आने वालों से चाहे उन्होंने सिर्फ रेल्वे परिसर में जाकर सिर्फ बाइक या कार मोड़कर ही लाए हो वसूली की जा रही थी। नागरिकों कि शिकायतों के दौर के बाद पत्रकार माखन विजयवर्गीय भी बुधवार को सुबह 11:20 पर बाइक लेकर बालक को ड्राप करने स्टेशन पहुंचे तो सवारी ड्राप कर महज 30 सेकंड में ही वापस हुए तो उनसे भी पार्किंग शुल्क मांगा गया, उन्होंने ठेकेदार से कहा कि गाड़ी बंद नही हुई, गाड़ी पर से में उतरा भी नही फिर शुल्क कैसा? तो ठेकेदार ने कहा कि यहां परिसर में आए मतलब शुल्क तो देना पड़ेगा। पत्रकार ने पहले स्टेशन मास्टर से बात की लेकिन संतुष्टिपुर्ण जवाब नही मिलने पर शिकायत पुस्तिका में शिकायत दर्ज कि और तुरंत ही पचोर तहसीलदार एवं थाने में आवेदन देकर आमरण अनशन पर बैठ गए।
बाद में इसकी सूचना डीआरएम एवं रेलवे हाई अथारिटी को दी गई, दिनभर अनशन पर रहने के बाद शाम को पचोर टीआई प्रदीपकुमार शुक्ला के निर्देश पर एसआई परमार के आश्वासन एवं डीआरएम के कार्रवाई करने के आश्वासन के बाद वरिष्ठ पत्रकार एवं पुर्व पार्षद रामबाबू सक्सेना ने ज्यूस पिलाकर अनशन खुलवाया। इस अवसर पर एसबीआई प्रबंधक सुरेश सक्सेना , शिक्षक महेशकुमार सोनी, दिलीप कुशवाह, राजेश भारतीय मौजूद थे।

पत्रकार विजयवर्गीय ने बताया कि यह अनशन अचानक बिना किसी उच्चाधिकारी को सूचना के था इसलिए महज प्रशासन कि बात रखते हुए समाप्त किया गया है।
कल गुरुवार से स्टेशन पर किसी भी सवारी ड्राप करने वाले से रंगदारी नहीं वसूली जाएगी। स्टेशन पर पार्किंग कि नियमावली लगाकर निर्धारित स्थान पर ही पार्किंग एवं पार्किंग शुल्क सुनिश्चित हो। एसा न होने पर अब भोपाल डीआरएम आफिस के सामने हबीबगंज स्टेशन पर ही आमरण अनशन किया जाएगा।